IFR Milan: मिग-29K, तेजस और P-8I की गूंज के बीच राष्ट्रपति ने ली अंतरराष्ट्रीय बेड़े की सलामी

विशाखापत्तनम: “सिटी ऑफ डेस्टिनी” के नाम से प्रसिद्ध विशाखापत्तनम के तट पर बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू (IFR) के माध्यम से भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन करेंगी। राष्ट्रपति मंगलवार शाम शहर पहुँच चुकी हैं ताकि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकें।
बेड़े और विमानों का शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रपति मुर्मू सुबह बंगाल की खाड़ी में स्वदेशी युद्धपोत INS Sumegha पर सवार होकर समुद्र में खड़े बेड़े का निरीक्षण करेंगी। इस रिव्यू में भारतीय नौसेना के अलावा मित्र देशों के कुल 71 जहाज और पनडुब्बियां शामिल होंगी। कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट करेंगे। आकाश में MiG-29K, LCA Tejas, P-8I टोही विमान और Sea King हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी। नौसेना के विशेष कमांडो MARCOs समुद्र के बीच युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
समुद्री कूटनीति का मंच
यह आयोजन सिर्फ सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की समुद्री कूटनीति को भी प्रदर्शित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महासागर विज़न के तहत भारत खुद को हिंद महासागर क्षेत्र में एक सुरक्षा प्रदाता के रूप में पेश कर रहा है। अगले कुछ दिनों में IFR के साथ MILAN-2026 युद्धाभ्यास और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
इस बार 75 देशों और कुल 65 नौसेनाओं की मौजूदगी भारत के वैश्विक कद को दर्शाती है। भारतीय नौसेना न केवल एक सैन्य बल है, बल्कि समुद्री व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में प्रभावशाली भूमिका निभा रही है।
फ्लीट रिव्यू की परंपरा
भारत में फ्लीट रिव्यू की परंपरा 1953 में शुरू हुई थी, जब प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 33 भारतीय जहाजों का निरीक्षण किया। 2016 में विशाखापत्तनम में भव्य समारोह आयोजित हुआ था। इस बार का आयोजन विशेष इसलिए भी है क्योंकि इसे दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यासों में से एक MILAN-2026 के साथ आयोजित किया जा रहा है।
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