MP Travel Mart 2026 में 1100 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव होंगे फाइनल, 34 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री मोहन यादव 7 अक्तूबर को ट्रैवल मार्ट के सातवें संस्करण का शुभारंभ करेंगे।
- आयोजन में 34 देशों और 15 राज्यों के 600 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- चार दिनों में 10 हजार से अधिक B2B बैठकें प्रस्तावित हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश में पर्यटन के माध्यम से बड़े निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की तैयारी अब धरातल पर उतरने जा रही है। राजधानी भोपाल में बुधवार से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 में 1100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इनमें सीहोर के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का मेगा पर्यटन निवेश समझौता सबसे बड़ा होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव 7 अक्तूबर को मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट के सातवें संस्करण का शुभारंभ करेंगे। 7 से 10 अक्तूबर तक कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 15 राज्यों के 180 से ज्यादा घरेलू टूर ऑपरेटर्स समेत 600 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
आयोजन के चार दिनों में 10 हजार से ज्यादा बी2बी बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में विदेशी और घरेलू खरीदार प्रदेश के 355 होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े स्थानीय कारोबारियों के साथ सीधे बातचीत करेंगे।
सीहोर के रामगढ़ में गोल्फ कोर्स और वेलनेस रिसॉर्ट
निवेश प्रस्तावों में सीहोर के रामगढ़ की 848.40 करोड़ रुपये की परियोजना प्रमुख है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच होने वाले समझौते के तहत यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और अन्य आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना से करीब 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। इसके अलावा होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म से जुड़ी 14 परियोजनाओं के लिए 252 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ अवार्ड दिए जाएंगे। तीन प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज विकसित करने के लिए भी निवेशकों को एलओए प्रदान किए जाएंगे।
12 समझौते, पर्यटन को तकनीक से जोड़ने की तैयारी
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 12 रणनीतिक एमओयू, एमओए और अन्य समझौते किए जाएंगे। इनमें पर्यटन वाहन चालकों का प्रशिक्षण, ग्रामीण होमस्टे को ग्लोबल बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ना, नए बाइक राइडिंग रूट तैयार करना, एडवेंचर टूरिज्म के सुरक्षा मानक और मोटरस्पोर्ट्स पर्यटन को बढ़ावा देना शामिल है।
ओरछा के ऐतिहासिक समूह के यूनेस्को नामांकन के लिए प्रबंधन और लैंडस्केप संरक्षण योजना भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1000 एआई-सक्षम क्यूआर कोड बोर्ड लगाने की योजना है। टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन अधोसंरचना और बीएसएफ म्यूजियम के आधुनिकीकरण को लेकर भी समझौता होगा।
34 देशों के प्रतिनिधि देखेंगे मध्य प्रदेश का पर्यटन
मार्ट में यूरोप, अमेरिका, एशिया-प्रशांत, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मार्ट के बाद विदेशी और घरेलू प्रतिनिधियों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों का अनुभव कराने के लिए 16 फैमिलियराइजेशन टूर भी आयोजित किए जाएंगे।
इन दौरों में 200 से अधिक विशेषज्ञ खजुराहो, ओरछा, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर, कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, कूनो, उज्जैन, ओंकारेश्वर, चित्रकूट और अमरकंटक समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा करेंगे।
पांच भाषाओं में मिलेगी पर्यटन की जानकारी
पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पर्यटन की वेबसाइट का बहुभाषी संस्करण भी लॉन्च किया जाएगा। हिंदी और अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं में भी जानकारी उपलब्ध होगी।
डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक में 360 डिग्री व्यू, इंटरैक्टिव मैप, एआई स्टोरीटेलिंग, वर्चुअल रियलिटी लिंक और ऑडियो नरेशन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। 8 अक्तूबर को वन्यजीव पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म और माइस सेक्टर पर चर्चा होगी।
10 अक्तूबर को प्रदर्शनी आम लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटन संस्थानों के लिए नि:शुल्क खोली जाएगी। आयोजन के दौरान मध्य प्रदेश को वर्ष 2030 तक देश का प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल और वाइल्डलाइफ कैपिटल ऑफ इंडिया के रूप में स्थापित करने की दिशा में निवेश और साझेदारी पर भी जोर दिया जाएगा।
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