जेन-जी को देशविरोधी समझना गलत, युवाओं से सकारात्मक संवाद जरूरी: दत्तात्रेय होसबाले

HIGHLIGHTS
- RSS ने संगठनात्मक व्यवस्था में बदलाव करते हुए 47 प्रांतों की जगह 88 संभाग बनाने का फैसला किया है।
- संघ एक लाख नए स्थानों पर शाखाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
- जेन-जी के मुद्दों और युवाओं की समस्याओं पर बैठक में चर्चा हुई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जेन-जी से जुड़े मुद्दों, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नक्सलवाद समेत कई विषयों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि अपनी समस्याएं उठाना और विचार व्यक्त करना युवा पीढ़ी का अधिकार है। युवाओं को देशविरोधी मानना सही नहीं है, लेकिन अराजक तत्वों द्वारा उन्हें उकसाकर अशांति और हिंसा फैलाना गलत है। उन्होंने कहा कि युवाओं में व्यवस्था के प्रति विरोध की भावना हो सकती है, लेकिन इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। युवाओं के साथ सकारात्मक बातचीत होनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
होसबाले ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर कहा कि कानून के माध्यम से इस पर रोक लगाना आसान नहीं है। भारत में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इस तरह की पाबंदियां प्रभावी साबित नहीं हुईं। कई देशों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नियम बनाए जा रहे हैं। भारत में भी इस तरह के नियमों की मांग हो रही है। हालांकि, संघ का मानना है कि पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के माध्यम से इस समस्या पर बेहतर तरीके से नियंत्रण किया जा सकता है।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। जिन वर्गों को आरक्षण की आवश्यकता है, उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने आरक्षण को एक व्यवस्था बताया।
अब 88 संभागों में संचालित होगा संघ का संगठन
आरएसएस ने संगठन के संचालन में बदलाव करते हुए क्षेत्रीय व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया है। अब देशभर में 47 प्रांतों की जगह 88 संभाग बनाए जाएंगे। संभाग स्तर पर ही पदाधिकारियों की नियुक्तियां की जाएंगी।
दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि संघ की योजना एक लाख नए स्थानों पर शाखाएं शुरू करने की है। इन शाखाओं का संचालन रोजाना के बजाय साप्ताहिक या पाक्षिक आधार पर भी किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस साल देशभर में संघ की 99 हजार 423 दैनिक शाखाएं चल रही हैं। इसके अलावा 34 हजार साप्ताहिक मिलन और 14 हजार से अधिक मासिक मिलन आयोजित किए जा रहे हैं। देशभर में एक लाख तीन हजार से अधिक स्थानों पर संघ की शाखाओं और मिलन का संचालन हो रहा है।
शताब्दी वर्ष में पांच करोड़ लोगों ने हिंदू सम्मेलनों में लिया हिस्सा
संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान ग्रामीण इलाकों में 65 हजार से अधिक हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में करीब पांच करोड़ लोगों ने भाग लिया। इसके अलावा युवाओं के लिए 50 हजार से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामाजिक नेतृत्व से जुड़े लोगों के साथ भी संवाद कार्यक्रम किए गए।
एसआईआर के मुद्दे पर होसबाले ने कहा कि मतदाता का नाम उसी क्षेत्र की मतदाता सूची में होना चाहिए, जहां वह वास्तव में निवास करता है। उन्होंने कहा कि गैर-नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल होना देश की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है।
भारत की भौगोलिक सीमा तक ही रहेगा संघ का कार्यक्षेत्र
दत्तात्रेय होसबाले ने स्पष्ट किया कि दुनिया के कई देशों में संघ के स्वयंसेवक मौजूद हैं, लेकिन संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विस्तार की योजना नहीं बना रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस का कार्यक्षेत्र भारत की भौगोलिक सीमाओं तक ही सीमित रहेगा।
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