थाना प्रभारी की मौत के मामले में बड़ा एक्शन, अवैध शराब नेटवर्क का सरगना गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- 2 नवंबर की रात अवैध शराब से भरे वाहन को रोकते समय थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हुई।
- आरोपी चालक ने पुलिस अधिकारी को कुचलने के बाद मौके से फरार हो गया था।
- पुलिस ने मुख्य सरगना राहुल जायसवाल और विजय राव को गिरफ्तार किया।
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। 2 नवंबर की रात अवैध शराब से भरे वाहन को रोकने के दौरान चालक ने थाना प्रभारी को कुचल दिया था। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध शराब से भरे वाहन को भी जब्त कर लिया। इस मामले में खातेगांव थाने में आबकारी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस की जांच में पता चला कि अवैध शराब टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही थी। वाहन को अलीराजपुर निवासी गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत चला रहा था। यह गाड़ी उसे अलीराजपुर निवासी केरम सिंह चांगोड़ ने उपलब्ध कराई थी। केरम सिंह को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के निर्देशन में पुलिस की चार टीमें नाकाबंदी कर रही थीं। इसी दौरान सांडलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने एमपी-43 एच4786 नंबर की आयशर गाड़ी खड़ी मिली। निरीक्षक दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरकर वाहन की तलाशी देने के लिए कहा। आरोप है कि चालक ने जान से मारने की नीयत से वाहन उनके ऊपर चढ़ा दिया और मौके से फरार हो गया। उपचार के दौरान निरीक्षक पुरी की मौत हो गई। इस घटना में आरक्षक सोहन जाट भी घायल हुए हैं। चालक ने उन पर भी गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था।
अवैध शराब कारोबार के नेटवर्क का खुलासा
पुलिस की विवेचना में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। शराब ठेके का लाइसेंस बड़वानी निवासी पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर है। इस कारोबार में राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है, जबकि पाटेन्द्र जायसवाल की 10 प्रतिशत भागीदारी है।
पुलिस के अनुसार, हरदा जिले के टिमरनी निवासी राहुल जायसवाल इस नेटवर्क का मुख्य सरगना है। वह तीनों दुकानों से अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करता था।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पांच जिलों में पुलिस की दबिश
पुलिस ने अवैध शराब नेटवर्क के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा इंदौर निवासी विजय राव को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पांच जिलों में पुलिस की टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है।
देवास के पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच तेज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने थाना प्रभारी की मौत की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर भेजा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच जिलों में तलाश अभियान तेज कर दिया है। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल निलंबित
खातेगांव में अवैध शराब परिवहन से जुड़ी घटना के बाद आबकारी विभाग ने भी कार्रवाई की है। हरदा जिले के टिमरनी वृत्त में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया कर्तव्य में लापरवाही और निगरानी में कमी पाए जाने के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
आबकारी आयुक्त ने टिमरनी के सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल के साथ आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को भी निलंबित किया है।
वहीं, हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल की टिमरनी स्थित तीन मदिरा दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें सोडलपुर रोड टिमरनी, रहटगांव, टिमरनी और हरदा रोड टिमरनी की दुकानें शामिल हैं।
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