बांग्लादेश की राजशाही यूनिवर्सिटी में पत्रकारों और छात्रों पर हमला, 10 घायल

HIGHLIGHTS
- घायल पत्रकारों में आरिफुज्जमां कोरबान और जाहिदुल इस्लाम शामिल हैं।
- नूर अहसान मृदुल और मैनुल इस्लाम राजू भी घायल हुए।
- JCD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ट्रांसपोर्ट मार्केट से हॉल गेट तक जुलूस निकाला था।
ढाका। बांग्लादेश की सत्ताधारी BNP सरकार के छात्र संगठन जातीयवादी छात्र दल (JCD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर राजशाही यूनिवर्सिटी में पत्रकारों और छात्रों पर हमला करने का आरोप लगा है। इस घटना में कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घटना रविवार रात यूनिवर्सिटी के शहीद जियाउर रहमान हॉल के बाहर हुई। घटना के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाने लगी।
घायल पत्रकारों की पहचान आरिफुज्जमां कोरबान, जाहिदुल इस्लाम, नूर अहसान मृदुल और मैनुल इस्लाम राजू के रूप में हुई है।
क्या है पूरा मामला?
बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट UNB के मुताबिक, JCD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के ट्रांसपोर्ट मार्केट से हॉल गेट तक जुलूस निकाला। कथित तौर पर इस जुलूस का उद्देश्य हॉल संसद के महासचिव आरिफुल इस्लाम पर हमला करना था।
रिपोर्ट के अनुसार, जुलूस में शामिल लोग स्थानीय स्तर पर बनाए गए हथियारों से लैस थे। इनमें माचेते, क्लीवर, हॉकी, स्टिक, पाइप और बेसबॉल बैट शामिल थे।
जब यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर घटनास्थल पर पहुंचे तो हमलावरों ने अपने हथियार छिपा लिए। हालांकि, घटना की रिपोर्टिंग के लिए मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनके मोबाइल फोन छीनने की भी कोशिश की गई।
TIB ने हमले की निंदा की
भ्रष्टाचार विरोधी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (TIB) ने राजशाही यूनिवर्सिटी में पत्रकारों पर हुए हथियारबंद हमले और जान से मारने की धमकियों पर गंभीर चिंता जताई है। संस्था ने जिम्मेदार लोगों की राजनीतिक पहचान या प्रभाव की परवाह किए बिना न्याय की मांग की।
सोमवार को जारी बयान में TIB ने सत्ताधारी BNP और विपक्षी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व से अपनी-अपनी पार्टियों और उनसे जुड़े संगठनों में बुनियादी सुधार करने की अपील की। साथ ही हिंसक सत्ता संघर्ष को खत्म करने के लिए प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।
UNB ने TIB के कार्यकारी निदेशक इफ्तिखारुज्जमां के हवाले से कहा, "हमले का शिकार हुए मीडियाकर्मियों और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। इस हमले में जो भी दोषी है उसकी राजनीतिक संबद्धता या ताकत की परवाह किए बिना हमले के आरोपियों और उनके साथियों और समर्थकों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
पत्रकार संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ढाका यूनिवर्सिटी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (DUJA) ने भी पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की है। संगठन ने घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने और कैंपस में मीडियाकर्मियों के लिए सुरक्षित कामकाजी माहौल सुनिश्चित करने के उपाय करने की मांग की।
DUJA नेताओं ने कहा कि पत्रकारों को दरांती, क्लीवर, हॉकी स्टिक, लोहे की छड़ों और बेसबॉल बैट से बेरहमी से पीटा गया और उनके मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा, "हम इस घटना की जल्द सुनवाई की मांग करते हैं। अगर इस हमले के बाद न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो संबंधित सरकारी संस्थाओं की नीयत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।"
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