कमल हासन का बड़ा बयान, विजय को सरकार बनाने का मौका देने की मांग

HIGHLIGHTS
- तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
- एक्टर विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद अब सत्ता गठन की प्रक्रिया चर्चा में है।
- इसी बीच अभिनेता और ‘मक्कल निधि मय्यम’ के प्रमुख कमल हासन ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
- कमल हासन ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।
- उनके अनुसार, सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कि…
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। एक्टर विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद अब सत्ता गठन की प्रक्रिया चर्चा में है। इसी बीच अभिनेता और ‘मक्कल निधि मय्यम’ के प्रमुख कमल हासन ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कमल हासन ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप बताया।
सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कमल हासन ने लिखा कि इस बार के नतीजों ने स्पष्ट जनादेश नहीं दिया है और किसी भी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने का पूर्ण अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने एमके स्टालिन की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने चुनाव परिणामों को स्वीकार करते हुए जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने की बात कही है, जो एक सकारात्मक राजनीतिक संकेत है।
कमल हासन ने आगे कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को भी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीवीके के पास 108 सीटें हैं और ऐसे में उन्हें सरकार बनाने का अवसर देना जनादेश का सम्मान होगा, जबकि ऐसा न करना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ माना जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह बयान किसी पार्टी राजनीति से प्रेरित नहीं है, बल्कि एक नागरिक के तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के समर्थन में दिया गया विचार है।
उधर, सूत्रों के अनुसार टीवीके प्रमुख विजय ने हाल ही में 112 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी और अतिरिक्त समर्थन जुटाने के लिए समय मांगा है। पार्टी को कांग्रेस के पांच विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है। हालांकि राज्यपाल ने स्पष्ट किया है कि सरकार गठन के लिए 118 विधायकों के समर्थन का औपचारिक प्रमाण आवश्यक होगा।
बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने यह भी आश्वासन दिया है कि फिलहाल किसी अन्य पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया जाएगा, जिससे राजनीतिक स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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