दिल्ली में महिलाओं की ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था होगी सरल, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश

HIGHLIGHTS
- सीएम रेखा गुप्ता ने ऑनलाइन शिकायत और निवारण व्यवस्था को आसान बनाने के निर्देश दिए।
- कॉलेजों में छात्राओं को साइबर अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
- जरूरतमंद किशोरियों तक निश्शुल्क एचपीवी टीकाकरण की जानकारी और सुविधा पहुंचाने को प्राथमिकता बताया गया।
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली महिला आयोग की ऑनलाइन शिकायत और निवारण व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ऑनलाइन प्रणाली होनी चाहिए, जिसमें महिलाएं आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कर सकें और उसके निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी भी उन्हें लगातार मिलती रहे।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों, अपराध, साइबर अपराध और कानून से जुड़ी जानकारी देने के लिए जरूरी कदम उठाने पर भी जोर दिया, ताकि उन्हें अपराधों से बचाया जा सके।
सीएम ने की बैठक
मुख्यमंत्री ने जनसेवा सदन में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता, आयोग की सदस्य और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में उन्होंने कहा कि छात्राओं को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। इन अभियानों के माध्यम से ऑनलाइन उत्पीड़न, इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग, साइबर ठगी और अन्य डिजिटल अपराधों के साथ-साथ उनसे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें पॉक्सो से जुड़े प्रावधानों के बारे में भी जागरूक करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों की पात्र किशोरियों तक निश्शुल्क एचपीवी टीकाकरण की जानकारी और सुविधा पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
वन स्टॉप सेंटरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संकट की स्थिति में महिलाओं को सहायता देने वाले वन स्टॉप सेंटरों (सखी) के साथ ही सरकार और गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित महिला आश्रय एवं देखभाल संस्थानों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा।
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में रहने वाली महिलाओं को सुरक्षित माहौल के साथ जरूरी चिकित्सा, परामर्श, कानूनी सहायता और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं प्रभावी तरीके से मिलनी चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.