दिशा सालियान के पिता सतीश ने आदित्य ठाकरे को भेजा 500 करोड़ का मानहानि नोटिस

HIGHLIGHTS
- सतीश सालियान शनिवार शाम करीब चार बजे ‘मातोश्री’ पहुंचे।
- उनके साथ अधिवक्ता निलेश ओझा और कानूनी टीम के सदस्य मौजूद थे।
- आवास के अंदर प्रवेश नहीं मिलने पर नोटिस मुख्य द्वार पर स्वीकार किया गया।
मुंबई। दिशा सालियान की मौत की जांच को लेकर जारी विवाद के बीच दिशा के पिता सतीश सालियान शनिवार को अपने वकील निलेश ओझा और कानूनी टीम के साथ शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के बांद्रा स्थित आवास ‘मातोश्री’ पहुंचे। यहां उन्होंने आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस सौंपा।
नोटिस में सात दिनों के भीतर कथित आपत्तिजनक बयानों को वापस लेने, बिना शर्त सार्वजनिक और लिखित माफी मांगने के साथ 500 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की गई है। यह पहला मौका बताया गया है, जब ठाकरे परिवार के चर्चित आवास ‘मातोश्री’ के बाहर कोई इस तरह नोटिस देने पहुंचा। इस दौरान शिवसैनिकों की ओर से किसी तरह के प्रतिरोध की बात सामने नहीं आई।
तय कार्यक्रम के मुताबिक मातोश्री पहुंचे सतीश सालियान
पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार सतीश सालियान अपनी कानूनी टीम के साथ शनिवार शाम करीब चार बजे मातोश्री पहुंचे। उनके साथ अधिवक्ता निलेश ओझा और कुछ जूनियर वकील भी मौजूद थे। सतीश सालियान ने खुद वहां पहुंचकर नोटिस देने का फैसला किया था। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह इस कदम के जरिए आम आदमी की ताकत दिखाना चाहते हैं।
सालियान और उनकी टीम के पहुंचने के बाद मातोश्री के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। शिवसेना (यूबीटी) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे, लेकिन वे शांत रहे।
रिपोर्टों के अनुसार, सतीश सालियान और उनके वकीलों को आवास के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद नोटिस मुख्य द्वार के बाहर ही स्वीकार किया गया। आदित्य ठाकरे की ओर से उनके कानूनी प्रतिनिधि ने नोटिस लिया।
16 सितंबर के एक्स पोस्ट को बनाया आधार
मानहानि नोटिस की पृष्ठभूमि में 16 सितंबर को आदित्य ठाकरे की ओर से एक्स पर किया गया पोस्ट बताया गया है। ठाकरे ने दिशा सालियान को जानने या उनसे मिलने से इनकार किया था। उन्होंने दिशा सालियान की मौत के मामले में अपने नाम को जोड़े जाने और दोबारा जांच की मांग को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसे चरित्र हनन की कोशिश बताया था।
सतीश सालियान ने इन टिप्पणियों को अपने और अपने परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
अनिल देशमुख को भी नोटिस
नोटिस में आदित्य ठाकरे के अलावा महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख का भी उल्लेख किया गया है। दोनों से कथित बयानों को वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। नोटिस में 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग के साथ सार्वजनिक माफी को व्यापक स्तर पर प्रकाशित और प्रसारित करने की भी मांग की गई है।
वकील ने धमकी मिलने का किया दावा
नोटिस सौंपने के बाद अधिवक्ता निलेश ओझा ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले धमकियां दी गई थीं और वकालत जारी नहीं रखने देने की बात कही गई थी। ओझा के मुताबिक, इसी वजह से कानूनी टीम खुद मातोश्री पहुंची।
ओझा ने कहा कि वे किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि “आम आदमी की ताकत” दिखाने के लिए वहां पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के सामने सभी बराबर हैं।
जून 2020 में हुई थी दिशा सालियान की मौत
दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। मामले में नए सिरे से जांच की सतीश सालियान की मांग के बाद विवाद एक बार फिर तेज हुआ है।
मुंबई उच्च न्यायालय के दो सितंबर के आदेश के बाद मामले में सीबीआई जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी और सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से इनकार किया है।
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