महाराष्ट्र में आवारा कुत्तों से परेशान लोगों ने किया अनोखा प्रदर्शन, नगर पंचायत ऑफिस में छोड़े स्ट्रीट डॉग

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
- कुत्तों को छोटे बोरों में रखकर नगर पंचायत कार्यालय लाया गया था।
- कार्यकर्ताओं ने नसबंदी अभियान तेज करने की मांग की।
मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन ने अलग ही रूप ले लिया। युवा सेना के कार्यकर्ता दो आवारा कुत्तों को नगर पंचायत कार्यालय लेकर पहुंचे और उन्हें मुख्य अधिकारी की मेज पर छोड़ दिया।
नगर पंचायत कार्यालय में लाकर छोड़े कुत्ते
युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने दो आवारा कुत्तों को नगर पंचायत के दफ्तर में लाकर छोड़ दिया। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में शिवसेना की युवा शाखा युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे निफाड़ नगर पंचायत कार्यालय में मुख्य अधिकारी धीरज भामरे की मेज पर कुत्तों को छोड़ते दिखाई दे रहे हैं।
कार्यालय में लाने से पहले दोनों पिल्लों को छोटे बोरों में रखा गया था। बोरे से बाहर निकाले जाने के बाद कुत्ते कुछ घबराए हुए नजर आए और मेज पर इधर-उधर भागते दिखाई दिए।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन आवारा कुत्तों को लेकर लगातार की जा रही शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का उद्देश्य निफाड़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था।
प्रदर्शनकारियों का दावा था कि आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि आवारा कुत्तों ने कई लोगों को काटा है और बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गणेशोत्सव के दौरान भी उठाया था मुद्दा
युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे ने गणेशोत्सव के दौरान भी आवारा कुत्तों का मुद्दा उठाया था। रंधावे के अनुसार, आवारा कुत्तों की मौजूदगी के कारण गणेश पंडालों में पहुंचने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने तत्काल नसबंदी अभियान चलाने, कुत्तों को पकड़ने की उचित व्यवस्था करने और आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के उपाय किए जाने की मांग की थी।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
रंधावे ने नागरिक प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई दिनों से मुद्दा उठाए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय टेंडर प्रक्रिया पर ध्यान दे रहा है।
रंधावे ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो दोबारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और नागरिकों की मौजूदगी में चीफ ऑफिसर के कार्यालय में आवारा कुत्ते छोड़े जाएंगे।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रदर्शन
आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर इस तरह का अनोखा प्रदर्शन पहली बार नहीं हुआ है। पिछले महीने मध्य प्रदेश के खंडवा में भी इसी तरह का विरोध देखने को मिला था। वहां एक व्यक्ति कुत्ते को मास्क पहनाकर जनसुनवाई में लेकर पहुंचा था। इसका उद्देश्य नगर निगम के आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान में कथित गड़बड़ियों की ओर ध्यान आकर्षित करना था।
खंडवा नगर निगम में विपक्ष के नेता दीपक "मुल्लू" राठौर ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर यह प्रदर्शन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने आरोपों की जांच और उचित कार्रवाई के लिए एक समिति गठित करने की बात कही थी।
आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रदर्शन
महाराष्ट्र के नासिक में हुए इस प्रदर्शन के जरिए आवारा कुत्तों की समस्या से जुड़ी शिकायतों को प्रशासन के सामने उठाया गया। युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने आवारा कुत्तों को नगर पंचायत कार्यालय में लाकर इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया।
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