कोलकाता भगदड़: पीएम मोदी ने दुख जताया, मुआवजे का किया एलान

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
- PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 देने की घोषणा।
- अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कम से कम 17 लोगों की मौत हुई; आधिकारिक पुष्टि का इंतजार।
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
कोलकाता के दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति, 17 लोगों की मौत की खबर
कोलकाता में शनिवार शाम सप्तमी के अवसर पर चोरबागान सर्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में 17 लोगों की मौत हुई है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें कम से कम 15 की हालत बेहद गंभीर बताई गई। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
घायलों को लगातार अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे।
गोलाकार गलियारे में भीड़ बढ़ने से हादसे की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पंडाल के अंदर 360 डिग्री घूमकर बाहर निकलने के लिए एक ऊंचा, गोलाकार गलियारा बनाया गया था। बताया जा रहा है कि इसी हिस्से में भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति बनी। पंडाल के ढांचे का कोई हिस्सा टूटने की आशंका भी जताई गई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्हें समय पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों से मदद नहीं मिली। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मृतकों में 13 महिलाएं, एक बच्चा और तीन पुरुष शामिल
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मृतकों में 13 महिलाएं, एक बच्चा और तीन पुरुष शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों का आपातकालीन वार्ड में इलाज किया जा रहा है। छुट्टी के कारण वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर आशंका के बीच विभागाध्यक्षों को अस्पताल बुलाया गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी अस्पताल पहुंचे।
हादसे के बाद पूजा पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और पूजा रोक दी गई।
हादसे से जुड़ी प्रमुख जानकारी
स्थान: चोरबागान सर्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल, कोलकाता।
तारीख: 17 अक्टूबर 2026, सप्तमी की शाम।
मौतें: अस्पताल सूत्रों के अनुसार, 17 लोगों की मौत हुई।
घायल: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 35 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, अस्पताल सूत्रों ने 40 से 50 लोगों के पहुंचने की जानकारी दी।
गंभीर घायल: कम से कम 15 लोगों की हालत बेहद गंभीर बताई गई।
अस्पताल: कोलकाता मेडिकल कॉलेज में घायलों का इलाज किया गया। 11 घायलों को एसएसकेएम भेजे जाने की खबर है।
मुख्यमंत्री की कार्रवाई: शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे और आयोजकों को थाने बुलाने का निर्देश दिया।
संभावित कारण: बारिश के बीच भीड़ का दबाव और गोलाकार गलियारे में धक्का-मुक्की को हादसे की संभावित वजह बताया गया है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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