ब्रिटेन में बदला नेतृत्व, पीएम मोदी ने नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को दी शुभकामनाएं

HIGHLIGHTS
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को पदभार संभालने पर बधाई दी और भारत-ब्रिटेन संबंधों को और मजबूत करने की बात कही।
- बर्नहम ने प्रधानमंत्री बनने के बाद राजनीतिक स्थिरता बहाल करने, शासन में बदलाव लाने और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने का संकल्प जताया।
- नए ब्रिटिश पीएम ने महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और देश के आर्थिक मॉडल में बदलाव को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने पर एंडी बर्नहम को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन समान लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों को लेकर व्यापक सहयोग मौजूद है। उन्होंने कहा कि इसी महीने सीईटीए लागू होने के बाद भारत-ब्रिटेन की द्विपक्षीय साझेदारी और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने कहा कि वह एंडी बर्नहम के साथ मिलकर भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने तथा साझा विजन 2035 को लागू करने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
पहले संबोधन में बर्नहम ने क्या कहा?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में एंडी बर्नहम ने देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव लाने का संकल्प जताया।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में बार-बार प्रधानमंत्री बदलने से जनता का राजनीति पर भरोसा कमजोर हुआ है। अब नेताओं को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभानी होंगी।
बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर संबोधन में बर्नहम ने कहा कि पिछले एक दशक में सत्ता के गलियारों में सरकार बनाने के लिए आने वाला वह छठा व्यक्ति हैं और 2016 के बाद ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है।
उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के नेताओं को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाना होगा। ब्रिटेन को दुनिया के सामने यह साबित करना होगा कि वह दोबारा राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकता है।
बर्नहम ने कहा कि लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं और नेताओं को उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकारें उतना बेहतर काम नहीं कर सकीं, जितना करना चाहिए था।
उन्होंने अपनी सरकार को 'ब्रिटेन के लिए सर्किट ब्रेकर' बताते हुए कहा कि उनकी सरकार देश में पिछले 40 वर्षों के सबसे बड़े बदलाव लागू करेगी। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को नए राजनीतिक और आर्थिक मॉडल की जरूरत है।
संबोधन में और क्या बोले बर्नहम?
1980 के दशक का जिक्र करते हुए बर्नहम ने कहा कि उस समय लिए गए कुछ फैसलों के कारण राजनीतिक शक्ति का केंद्रीकरण बढ़ा, आर्थिक नियंत्रण का निजीकरण हुआ और कई औद्योगिक क्षेत्रों का पतन हुआ। इसके कारण आज भी कई इलाके पिछड़ेपन का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सत्ता का विकेंद्रीकरण करेगी और निर्णय लेने की ताकत देश के हर हिस्से तक पहुंचाएगी। साथ ही, जरूरी सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाकर उन्हें आम लोगों के लिए अधिक किफायती बनाया जाएगा।
बर्नहम ने कहा कि बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए उनकी सरकार मंगलवार से कई योजनाओं की घोषणा करेगी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के लिए वित्तीय व्यवस्था की जानकारी भी साथ में दी जाएगी।
कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद संभाली जिम्मेदारी
लेबर पार्टी के नए नेता एंडी बर्नहम ने सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद बर्नहम प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे थे। उनका प्रमुख लक्ष्य लोकलुभावन पार्टी रिफॉर्म यूके के बढ़ते प्रभाव को रोकना है।
ब्रिटेन में जारी राजनीतिक हलचल के बीच पिछले एक दशक में देश को सातवां प्रधानमंत्री मिला है।
बर्नहम को पिछले सप्ताह शुक्रवार को ही लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया था। लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) की अध्यक्ष शबाना महमूद ने लंदन में आयोजित विशेष सम्मेलन में इसकी घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि केवल एक सांसद के नामांकन के कारण मुकाबला आसान रहा।
बर्नहम ने लेबर पार्टी का नेता चुने जाने को पिछले 40 वर्षों में ब्रिटेन की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव बताया था।
जनता से किए वादे
एंडी बर्नहम ने देश की व्यवस्था में बदलाव लाने और सरकार का ध्यान महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और कमजोर होती सार्वजनिक सेवाओं जैसे आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित करने का वादा किया है।
कीर स्टार्मर द्वारा राजा को औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपने के बाद किंग चार्ल्स तृतीय ने एंडी बर्नहम को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
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