S-400 के पांच और स्क्वाड्रन खरीदेगा भारत? रूस ने सौंपा प्रस्ताव, 50 हजार करोड़ से ज्यादा की डील

HIGHLIGHTS
- रूस ने पांच अतिरिक्त एस-400 स्क्वाड्रन के लिए भारत को विस्तृत प्रस्ताव सौंपा।
- नई परियोजना की अनुमानित लागत 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक है।
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 ने अहम भूमिका निभाई थी।
ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता साबित कर चुके एस-400 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रूस ने भारत की ओर से पांच अतिरिक्त एस-400 स्क्वाड्रन खरीदने के लिए जारी टेंडर के जवाब में रक्षा मंत्रालय को अपना विस्तृत प्रस्ताव दे दिया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, रूस का प्रस्ताव भारत को मिल चुका है और फिलहाल इस पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने मार्च 2026 में पांच और एस-400 स्क्वाड्रन खरीदने की योजना को मंजूरी दी थी। इन नए सिस्टम को देश के पूर्वी और पश्चिमी मोर्चों पर तैनात करने की योजना है। इनके शामिल होने से भारत की बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 की भूमिका क्यों रही अहम?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस एयर डिफेंस सिस्टम ने कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया था। इसके प्रभाव के चलते अन्य पाकिस्तानी विमान भी भारतीय सीमा से 200 किलोमीटर के दायरे में आने से बचते रहे।
वायुसेना के पश्चिमी कमान प्रमुख एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने हाल ही में न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में एस-400 की क्षमताओं का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि एस-400 ने 314 किलोमीटर की दूरी से पाकिस्तानी वायुसेना के एक निगरानी विमान को मार गिराया। यह संभवतः सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के जरिए अब तक की सबसे लंबी दूरी की किल में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि एस-400 ने चीन से पाकिस्तान को मिले जे-10 सहित कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भी निशाना बनाया।
पांच नए एस-400 सिस्टम की डिलीवरी कब शुरू होगी?
भारत और रूस के बीच साल 2018 में पहला एस-400 सौदा हुआ था। इस समझौते के तहत भारत को पांच स्क्वाड्रन मिलने थे। इनमें से चार स्क्वाड्रन भारत को प्राप्त हो चुके हैं। आखिरी स्क्वाड्रन की डिलीवरी नवंबर 2026 तक होने की उम्मीद है।
अब जिस नई डील पर प्रक्रिया चल रही है, उसके तहत समझौते पर हस्ताक्षर होने के लगभग तीन साल बाद डिलीवरी शुरू होने की संभावना है। भारत एस-400 के लिए 280 से अधिक अतिरिक्त मिसाइलें भी खरीद रहा है। इससे देश के मौजूदा मिसाइल भंडार को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
एस-400 के साथ स्वदेशी एयर शील्ड पर भी काम
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने एस-400 की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश भी की थी। एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के अनुसार, इसके लिए पाकिस्तान ने भारत में जासूसों और स्लीपर सेल को सक्रिय किया था।
इसी दौरान भारत अपना लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम भी तैयार कर रहा है। प्रोजेक्ट कुशा के तहत हाल ही में करीब 140 किलोमीटर दूर स्थित एक सिम्युलेटेड लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। इसके अलावा मिशन सुदर्शन चक्र के तहत पूरे देश में एक बड़ा एयर डिफेंस शील्ड तैयार करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए अलग-अलग एजेंसियां कई प्रमुख सिस्टम की खरीद कर रही हैं।
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