'लक्ष्मी भंडार पर सवाल उठाने वालों को अपने सियासी अतीत का भी देना होगा हिसाब', ममता का शुभेंदु पर पलटवार

HIGHLIGHTS
- 2021 में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू हुई थी लक्ष्मी भंडार योजना
- शुभेंदु अधिकारी ने योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं
- ममता ने शुभेंदु के तृणमूल सरकार में परिवहन मंत्री रहने का जिक्र किया
कोलकाता। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना पर मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से सवाल उठाए जाने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्मी भंडार का हिसाब मांगा जाएगा तो शुभेंदु अधिकारी को अपने राजनीतिक अतीत का भी हिसाब देना पड़ेगा। गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने लक्ष्मी भंडार योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
पूर्व तृणमूल सरकार ने वर्ष 2021 में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से लक्ष्मी भंडार योजना शुरू की थी। शुभेंदु सरकार ने इसे बंद कर अन्नपूर्णा योजना शुरू की है। ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पार्टी के छात्र संगठन के स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि शुभेंदु अधिकारी तृणमूल सरकार में परिवहन मंत्री रह चुके हैं और उनके पिता भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।
ममता ने कहा कि यदि लक्ष्मी भंडार पर चर्चा होगी तो शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक रिकॉर्ड पर भी बात होगी। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्मी भंडार छीनने की बात की जाएगी तो वह उनका ‘भंडार’ भी खोल देंगी। ममता ने भाजपा को ‘हाईलोडेड, हाईवोल्टेज वायरस’ बताते हुए आरोप लगाया कि वह जहां जाएगी, वहां सर्वनाश करेगी।
महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना
ममता बनर्जी ने बढ़ती महंगाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गरीब परिवार चूड़ा, अदरक, जीरा, आलू, प्याज और चीनी खाना भी छोड़ दें। उन्होंने कहा कि गरीबों की परेशानियों पर उपदेश देने से पहले उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझना चाहिए।
हाकरों को हटाने के मुद्दे पर ममता ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को खाली रखना जरूरी है, लेकिन किसी की आजीविका खत्म करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जिन हाकर परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था होने तक हर महीने 25,000 रुपये दिए जाएं।
ममता ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस अब मानवीय नहीं रह गई है।
भाजपा में गए नेताओं को नहीं मिलेगी रियायत
तृणमूल (ममता गुट) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि तृणमूल में रहते हुए लाभ लेने वाले और मुश्किल समय में भाजपा में चले गए नेताओं को भविष्य में पार्टी की ओर से कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे किसी ‘गद्दार’ को वापस लेने का सवाल ही नहीं है।
ऋतब्रत ने छात्र संघ चुनाव कराने की मांग उठाई
वहीं, तृणमूल के बागी गुट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने छात्र संघ चुनाव तत्काल कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती ममता सरकार ने छात्र संघ चुनाव बंद कर दिए थे, जबकि ममता बनर्जी खुद छात्र आंदोलन से निकली हुई नेता हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को तृणमूल की गलतियों को आधार बनाकर शासन नहीं चलाना चाहिए। उनके मुताबिक मौजूदा सरकार चुनाव के दौरान किए गए वादों के अनुसार काम नहीं कर रही है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.