RSS पथ संचलन में शामिल होने पर दो सरकारी शिक्षक सस्पेंड, शिक्षा विभाग ने लिया एक्शन

HIGHLIGHTS
- दोनों शिक्षकों पर कर्नाटक सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप
- गुरुराज जोशी ने तालिकोटी में आयोजित पथ संचलन में हिस्सा लिया था
- कार्यक्रम की तस्वीर कन्नड़ अखबार में प्रकाशित हुई थी
बेंगलुरु। कर्नाटक के यादगीर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन में शामिल होने के आरोप में शिक्षा विभाग ने दो सरकारी स्कूल शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। विभाग के मुताबिक, दोनों शिक्षकों पर कर्नाटक सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप है।
निलंबित शिक्षकों में यादगीर जिले के हुनसगी स्थित सरकारी बालिका उच्च विद्यालय के सहायक शिक्षक गुरुराज जोशी और सुरपुर तालुका के कुप्पी स्थित सरकारी निम्न प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर अन्ना साहेब देशमुख शामिल हैं।
दोनों पर अलग-अलग स्थानों पर आयोजित RSS मार्च में हिस्सा लेने का आरोप है। शिक्षा विभाग ने उनके इस कृत्य को कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2021 का उल्लंघन और कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना है। विभागीय जांच पूरी होने तक दोनों को निलंबित किया गया है।
शिक्षक गुरुराज जोशी पर क्या आरोप है?
विभागीय कार्यवाही के अनुसार, सहायक शिक्षक गुरुराज जोशी ने 12 अक्टूबर 2025 को विजयपुरा जिले के तालिकोटी में हुए RSS पथ संचलन में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम के दौरान उनकी मौजूदगी की तस्वीर कन्नड़ समाचार पत्र ‘विजया कर्नाटक’ में प्रकाशित हुई थी।
इसके बाद अंबेडकर स्वाभिमानी सेना की जिलाध्यक्ष जुमाना गुडीमणि ने इस पर आपत्ति जताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की और शिकायत दर्ज कराई।
शिक्षा विभाग ने जोशी को 13 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लिखित जवाब में जोशी ने कहा था कि कार्यक्रम रविवार को स्कूल के समय के बाद हुआ था और यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आयोजन था। हालांकि, विभाग ने उनके इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
विभागीय जांच पूरी होने तक जोशी को ‘कर्नाटक सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1957’ के नियम 10(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
हेडमास्टर अन्ना साहेब देशमुख पर क्या आरोप है?
हेडमास्टर अन्ना साहेब देशमुख के मामले में विभागीय कार्रवाई के मुताबिक, उन्होंने 10 अक्टूबर 2025 को हुनासागी में आयोजित RSS के पथ संचलन में हिस्सा लिया था।
इसके बाद अंबेडकर स्वाभिमानी सेना की जिलाध्यक्ष जुमाना गुडीमणि ने ग्रामीण विकास, पंचायत राज एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और कलबुर्गी जिले के प्रभारी मंत्री प्रियांक खर्गे को लिखित शिकायत दी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने देशमुख को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अपने लिखित स्पष्टीकरण में देशमुख ने भी गुरुराज जोशी की तरह कहा कि RSS का कार्यक्रम स्कूल के कामकाजी समय में नहीं हुआ था और यह राजनीतिक आयोजन के बजाय सांस्कृतिक कार्यक्रम था।
हालांकि, विभाग ने इस तर्क को खारिज कर दिया और विभागीय जांच लंबित रहने तक उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।
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