‘अगली बार वोट मांगने से पहले जलभराव की समस्या खत्म कर देंगे’, अहमदाबाद में बोले अमित शाह

HIGHLIGHTS
- अमित शाह ने कहा, आंदोलनों से निपटना भी उनकी जिम्मेदारी है
- गुजरात में मानसून के बाद 21 इंच बारिश का किया जिक्र
- अगले साल 30 इंच बारिश में भी जलभराव नहीं होने का दावा
अहमदाबाद। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में चल रहे विभिन्न आंदोलनों को लेकर कहा कि उनसे निपटना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी समस्याओं को हल करने का दायित्व उन्हें मिला है, लेकिन इसके साथ यह सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है कि लोगों के रहने वाले इलाकों में जलभराव जैसी परेशानियां न हों।
अमित शाह ने कहा कि अगली बार वोट मांगने से पहले जलभराव की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। वह फार्मा क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना और पूरी दुनिया तक दवाएं पहुंचाना है। कोरोना महामारी के समय भारत ने अपनी फार्मास्यूटिकल क्षमता का प्रदर्शन किया और बहुत कम समय में दुनिया को वैक्सीन उपलब्ध कराई।
जलभराव की समस्या पर शाह का आश्वासन
अमित शाह ने कहा कि देश में एन-95 मास्क की भी भारी कमी थी, लेकिन सरकार ने समय रहते इसकी व्यवस्था कर ली थी। गुजरात के कई इलाकों में बारिश के बाद होने वाले जलभराव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगले मानसून तक इस समस्या को खत्म कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गुजरात से सांसद होने के नाते जनता की हर समस्या की जिम्मेदारी उनकी है। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि जलभराव की समस्या के लिए महानगरपालिका के मेयर और आयुक्त जिम्मेदार नहीं हैं।
शाह के मुताबिक, मानसून के बाद राज्य में 21 इंच बारिश हुई है, लेकिन अगले साल अगर 30 इंच बारिश भी होती है तो जलभराव न हो, ऐसी व्यवस्था कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के रहते लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बेटियों के साथ मनाया रक्षाबंधन
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अहमदाबाद में अपने संसदीय क्षेत्र की टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बेटियों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
उन्होंने कहा कि टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को जीवनभर इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत होती है, जिससे उनके परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ऐसे सभी बच्चों को आजीवन मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने इसे दूरदर्शी पहल बताया और कहा कि कई विकसित देश भी इसे लागू करने के लिए अभी प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने सभी बच्चियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शाह ने कहा कि मोदी सरकार के लिए जनसेवा सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन का मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि बेटी का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, तभी परिवार और समाज का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
रक्षाबंधन के अवसर पर बेटियों को मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध कराने की पहल को उन्होंने ‘बेटी की रक्षा और बेटी के स्वास्थ्य’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
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