नेपाल में बाढ़ से तबाही, मृतकों की संख्या बढ़कर 538 हुई; 320 भारतीय अब भी लापता

HIGHLIGHTS
- तिब्बत सीमा पर हिमस्खलन से बनी झील का जलस्तर बढ़ने से दोबारा बाढ़ का खतरा।
- नवलपरासी पूर्व से सबसे अधिक 134 शव बरामद किए गए।
- चितवन में 221 और गोरखा में 46 शव मिले।
- नुवाकोट से 37, धाडिंग से 33 शव बरामद हुए।
- नेपाल सेना के 2,391 जवान समेत 7,451 सुरक्षाकर्मी राहत अभियान में जुटे।
काठमांडू। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 538 हो गई। तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन के कारण बनी झील का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ऐसे में खोज और बचाव अभियान सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। नेपाल पुलिस ने एक बयान में बताया कि अब तक आठ जिलों से शव बरामद किए जा चुके हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल में आई त्रासदी के बाद अब भी 320 भारतीय लापता हैं और उन्हें तलाशने के लिए बचाव टीम लगातार प्रयास कर रही है। कम से कम 400 भारतीय नागरिक चीन की ओर फंसे हुए थे, लेकिन वे सुरक्षित हैं। वहीं, 96 अन्य लोग सड़क मार्ग से नेपाल पहुंच गए हैं।
नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या 538 पहुंची
नेपाल पुलिस के मुताबिक, नवलपरासी पूर्व से 134, चितवन से 221, गोरखा से 46 और नुवाकोट से 37 शव बरामद हुए हैं।
इसके अलावा धाडिंग से 33, तनु से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव मिले हैं।
पुलिस के बयान के अनुसार, घटना के तीसरे दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी रहा। इस अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान भी शामिल हैं।
NDRRMA की टीम का बचाव अभियान जारी
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने शुक्रवार को बताया कि जिस इलाके में इस सप्ताह की शुरुआत में भीषण बाढ़ आई थी, वहां जलस्तर बढ़ने के कारण दोबारा बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।
यह चेतावनी बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य इलाकों में आई भीषण बाढ़ के बाद सामने आई है। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है, जबकि हजारों लोग लापता बताए गए हैं।
NDRRMA ने खोज और बचाव अभियान में जुटे लोगों के साथ-साथ विभिन्न कारणों से भोटेकोशी और त्रिशूली क्षेत्रों में रह रहे लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। प्राधिकरण ने कहा है कि किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।
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