औषधीय पौधे हैं स्वस्थ राष्ट्र की नींव: राष्ट्रपति मुर्मू

मुंबई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को औषधीय पौधों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इनकी खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि पर्यावरण और मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि औषधीय पौधों का संग्रह दवाओं के लिए आवश्यक कच्चे माल के रूप में तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही यह प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत राष्ट्र का आधार हैं और अच्छे स्वास्थ्य को जीवन की सबसे बड़ी खुशी माना जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने किसानों और आम नागरिकों को औषधीय पौधों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जड़ी-बूटियों की उपलब्धता कम होती जा रही है क्योंकि जंगलों का विनाश और बढ़ती औद्योगिकीकरण की वजह से कई औषधीय पौधे लुप्तप्राय हो रहे हैं। इस कारण शोधकर्ताओं को भी आवश्यक जड़ी-बूटियां उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है।
द्रौपदी मुर्मू ने स्पष्ट किया कि औषधीय पौधों की खेती पर केवल सरकार ही नहीं, बल्कि सभी को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्रों, रसोई घरों और वन क्षेत्रों में मौजूद औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन न केवल आर्थिक लाभ देता है, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण की सेहत बनाए रखने में भी सहायक है।
इस अवसर पर उन्होंने आयुष मंत्रालय और अखिल भारतीय आयुर्वेदिक कांग्रेस की सराहना की, जिन्होंने 25 से 28 फरवरी तक मेले का आयोजन कर औषधीय पौधों और प्राकृतिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर किया।
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