भूस्खलन के बाद मसूरी-देहरादून रोड खुली, 500 से ज्यादा वाहन जाम में फंसे

HIGHLIGHTS
- भूस्खलन के बाद मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग मंगलवार सुबह हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
- पानीवाला बैंड के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से वन-वे यातायात लागू रहा, जिसके चलते करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लगा और 500 से ज्यादा वाहन फंस गए।
- बारिश से प्रभावित अन्य मार्गों पर भी मलबा हटाने का काम जारी है, प्रशासन और लोनिवि की टीमें लगातार निगरानी कर यातायात बहाल करने में जुटी हैं।
कोल्हूखेत के पास भूस्खलन और सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद किया गया मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग मंगलवार सुबह हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया। मार्ग खुलने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिली, लेकिन पानीवाला बैंड के पास सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात वन-वे करना पड़ा। इसके चलते दिनभर जाम की स्थिति बनी रही और करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक जारी है।
सोमवार शाम लगातार बारिश के कारण कोल्हूखेत के पास सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया था। इसके बाद रातभर लोक निर्माण विभाग की टीम ने मशीनों की मदद से मलबा हटाने और सड़क खोलने का काम किया।
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे मुख्य मार्ग को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया। हालांकि, पानीवाला बैंड के पास सड़क संकरी और क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहनों को एक-एक कर निकाला गया। इससे सुबह से ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई। करीब 11 बजे तक पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें 500 से अधिक वाहन फंस गए। सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की दोहरी लाइन लगने से परेशानी और बढ़ गई। इस दौरान एक एंबुलेंस भी काफी समय तक जाम में फंसी रही।
जाम के कारण मसूरी से देहरादून जाने वाले और देहरादून से मसूरी आने वाले पर्यटकों व स्थानीय लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे रहे, लेकिन वाहनों की अधिक संख्या के कारण स्थिति नियंत्रित करने में दिक्कतें आईं।
मसूरी से देहरादून जा रहे अमित पंवार और विक्रम ने बताया कि सड़क टूटने के कारण एक ही लेन से वाहनों की आवाजाही हो रही थी, जिससे घंटों जाम लगा रहा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने के कारण यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अरविंद सतवारिया ने बताया कि सड़क से मलबा हटाने का काम पूरा कर लिया गया है। फिलहाल हल्के वाहनों और आवश्यक सेवा वाले भारी वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क की लगातार निगरानी की जा रही है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण कीचड़ की समस्या बनी हुई है, इसलिए वाहनों को बारी-बारी से निकाला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एलकेड़ी मार्ग करीब आधे घंटे तक मलबा आने के कारण बंद रहा था। सूचना मिलने के बाद मौके पर जेसीबी मशीन भेजकर मलबा हटाया गया और यातायात सुचारू कराया गया। जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम राहुल आनंद ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल भेजकर यातायात व्यवस्था ठीक कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मसूरी-बारलोगंज-झड़ीपानी मार्ग पर सड़क के बीच भारी बोल्डर आने से यातायात प्रभावित रहा। मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई जगह मलबा, बजरी और पत्थर आने से परेशानी बनी रही। किमाड़ी मार्ग पर भी मलबा आने के बाद लोनिवि ने जेसीबी मशीन से उसे हटाकर यातायात बहाल कराया।
वहीं, लगातार बारिश के कारण ग्राम पंचायत चमासारी क्षेत्र में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्राम प्रधान विक्रम रावत ने बताया कि चमासारी के कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं।
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