नीलकंठ मिश्रा बने विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक, भारत को बड़ी उपलब्धि

जाने-माने अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा को अमेरिका स्थित विश्व बैंक में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वह इस पद पर पूर्व आईएएस अधिकारी परमेश्वरन अय्यर का स्थान लेंगे।
सरकारी निर्णय के अनुसार, नीलकंठ मिश्रा का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्षों के लिए होगा। तब तक परमेश्वरन अय्यर अपने पद पर बने रहेंगे, जिनका सेवा विस्तार 19 जून 2026 के बाद भी प्रभावी रहेगा।
नीति और वैश्विक वित्त में गहरा अनुभव
नीलकंठ मिश्रा वर्तमान में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) में अंशकालिक सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में भी लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और क्रेडिट सुइस में एशिया पैसिफिक इक्विटी स्ट्रैटेजी के सह-प्रमुख तथा इंडिया स्ट्रैटेजिस्ट की भूमिका निभा चुके हैं।
आर्थिक नीतियों और बाजार विश्लेषण में उनकी विशेषज्ञता उन्हें वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नाम बनाती है।
मजबूत शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि
नीलकंठ मिश्रा ने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की है और वहां गोल्ड मेडल हासिल किया था। इसके अलावा, वह कई सरकारी और नियामक संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं। वह यूआईडीएआई में अंशकालिक अध्यक्ष और ट्राई (TRAI) में सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे वैश्विक मंच पर
विश्व बैंक में कार्यकारी निदेशक की भूमिका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पद पर रहते हुए नीलकंठ मिश्रा वैश्विक आर्थिक नीतियों में योगदान देने के साथ-साथ भारत के हितों का प्रतिनिधित्व भी करेंगे।
उनके पास सरकारी नीति निर्माण और निजी क्षेत्र के वैश्विक अनुभव का अनूठा संयोजन है, जिससे भारत की आवाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूत होने की उम्मीद है।
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