नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह जाएंगे UNGA, बाढ़ और जलवायु परिवर्तन पर कर सकते हैं बात

HIGHLIGHTS
- नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए शाह न्यूयॉर्क जाएंगे।
- यह मार्च में पद संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा होगी।
- बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में अब तक 13,676 लोगों को बचाया गया है।
नेपाल। नेपाल कैबिनेट ने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के इस महीने के अंत में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में शामिल होने के दौरे को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में आई भीषण अचानक बाढ़ के बाद जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुद्दा उठा सकते हैं।
22 से 26 सितंबर तक न्यूयॉर्क में रहेंगे शाह
बालेंद्र शाह 22 से 26 सितंबर तक न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। गुरुवार को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद होने वाली यह यात्रा मार्च में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद शाह की पहली विदेश यात्रा होगी।
24 सितंबर को UNGA को करेंगे संबोधित
संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक भाषण कार्यक्रम के मुताबिक, बालेंद्र शाह 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठने की उम्मीद है। वह इसे 26 अगस्त को आई भीषण भोटेकोशी अचानक बाढ़ से भी जोड़ सकते हैं।
हिमस्खलन के बाद आई थी अचानक बाढ़
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। बाढ़ के कारण देश की संपत्ति और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 8 सितंबर से शुरू हुआ है। इसमें दुनिया के नेता 22 से 28 सितंबर तक होने वाली जनरल डिबेट के दौरान 193 सदस्यीय संगठन को संबोधित करेंगे।
बाढ़ में फंसे सिक्किम के आठ लोग लौटे
राज्य सरकार ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद वहां फंसे सिक्किम के आठ निवासी सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। राज्य सरकार की 'नेपाल फ्लैश फ्लड टास्क फोर्स' के अनुसार, गंगटोक और ग्यालशिंग जिलों के ये तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के दौरान वे तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सागा काउंटी में फंस गए थे।
1,385 लोगों की मौत, 5 हजार से ज्यादा लापता
बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,385 हो गई है। वहीं, 5,000 से ज्यादा लापता लोगों की तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है। अब तक अलग-अलग क्षेत्रों से 13,676 लोगों को बचाया जा चुका है।
'राइजिंग नेपाल' अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ के बाद चीन में फंसे कम से कम 703 नेपाली नागरिक सिंधुपालचोक में तातोपानी बॉर्डर पॉइंट के रास्ते वापस घर लौट चुके हैं।
चीनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में चीन की तरफ भी कम से कम 43 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में 500 से ज्यादा लोग लापता हैं।
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