‘मतभेद सुलझाकर बनें अच्छे पड़ोसी’, शी चिनफिंग के भारत दौरे से पहले चीन का बड़ा बयान

HIGHLIGHTS
- शी चिनपिंग शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे।
- माओ निंग ने भारत-चीन मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने की बात कही।
- चीन ने दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने की बात कही।
बीजिंग। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भारत पहुंचने वाले हैं। उनके भारत दौरे से पहले चीन की ओर से दोनों देशों के संबंधों को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चीन को अपने मतभेदों का उचित तरीके से समाधान करना चाहिए। साथ ही, दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने की जरूरत है।
शी चिनफिंग शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। करीब सात साल बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। शनिवार को शिखर सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है।
जब माओ निंग से चीन की ओर से मोदी-शी बैठक को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कजान और तियानजिन के बाद लगातार तीसरे साल दोनों नेता एक-दूसरे से मुलाकात करेंगे।
अच्छे पड़ोसी और साझेदार के तौर पर आगे बढ़ने की बात
माओ निंग ने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के तहत भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने के लिए बातचीत और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। चीन और भारत एक-दूसरे की मदद करने वाले अच्छे पड़ोसी और साझेदार के रूप में आगे बढ़ेंगे।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर माओ निंग ने कहा कि यह उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच एकजुटता एवं सहयोग का प्रमुख मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही ब्रिक्स देशों ने खुलेपन, समावेशिता और परस्पर लाभ यानी विन-विन सहयोग की भावना को बनाए रखा है।
उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स बहुपक्षवाद, निष्पक्षता और न्याय को कायम रखते हुए साझा विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आज यह ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में सबसे आगे खड़ा है। चीन ब्रिक्स को काफी महत्व देता है और इसके सहयोग से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता है।
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