कोई भी पार्टी व्यापारी और किसान की अनदेखी नहीं कर सकती: राजनाथ सिंह

लखनऊ: भाजपा महानगर इकाई के व्यापारी सम्मेलन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार का जीएसटी घटाना एक करिश्माई निर्णय है, जिसका असर न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर दिखाई देगा। रक्षामंत्री ने कहा कि इससे आर्थिक तंत्र और अधिक प्रभावी होगा और वैश्विक समस्याओं के समाधान में भारत की भूमिका बढ़ेगी।
सम्मेलन का आयोजन राजभवन रोड स्थित पीडब्ल्यूडी भवन के विश्वेश्वरैया हॉल में हुआ, जहां दीप प्रज्वलित कर रक्षामंत्री, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और व्यापारियों ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने आदिवासी महिलाओं और स्थानीय कारीगरों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनके उत्पादों का निर्यात कर उन्हें सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में क्रय शक्ति बढ़ी है और सामान्य वर्ग के लोग भी अब मोटर कार चला रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि UPI के माध्यम से पिछले आठ महीनों में 25 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ।
व्यापारियों से सीधे संवाद करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की जाएगी, लेकिन किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया जा सकता। उन्होंने लखनऊ के विकास पर भी बात की और कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल लखनऊ में बन रही है। उन्होंने विधायक नीरज बोरा के क्षेत्र में बने पीपे के पुल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर मेरे रहते यह संभव नहीं होता, लेकिन आज वहां पुल बन चुका है।
राजनाथ सिंह ने व्यापारियों और किसानों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की आबादी से अधिक हमारे यहां खुदरा व्यापारी हैं और कोई भी पार्टी उनकी अनदेखी नहीं कर सकती। उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की नासिक शाखा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तेजस मार्क वन A 4.5 जेनरेशन के फाइटर एयरक्राफ्ट तैयार किए जाते हैं।
रक्षामंत्री ने कहा कि जब वे रक्षा मंत्री बने थे, तब कुल उत्पादन 45–46 हजार करोड़ रुपये का था, जो अब बढ़कर लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये हो गया है।
सम्मेलन में मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, व्यापारी नेता और पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल, अमरनाथ मिश्रा, राजेंद्र अग्रवाल, संजय गुप्ता, संदीप बंसल, विनोद पंजाबी, देवेंद्र गुप्ता, अभिषेक खरे सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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