'शिवजी की बरात नहीं, अराजक लोगों की भीड़', शिवराज का कांग्रेस पर हमला

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी की 'शिवजी की बरात' टिप्पणी पर शिवराज ने पलटवार किया।
- शिवराज ने कांग्रेस की चुनावी हार के लिए उसके नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।
- उन्होंने कई राज्यों में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का दावा किया।
इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। राहुल गांधी की 'शिवजी की बरात' वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग जीवनभर भगवान राम का विरोध करते रहे, वे अब शिवजी की बरात की बात कर रहे हैं। शिवराज ने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अपनी नाकामी का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रही है, जबकि उसकी असली समस्या नेतृत्व से जुड़ी है।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अपनी प्रतिक्रिया में शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग को निशाना बनाना कांग्रेस की आदत बन चुकी है। उनके मुताबिक, लगातार हार के बाद सड़कों पर प्रदर्शन करना भी पार्टी की नियति बन गई है। शिवराज ने 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा' कहावत का जिक्र करते हुए कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर विचार करने की सलाह दी।
राहुल गांधी की 'शिवजी की बरात' टिप्पणी पर शिवराज ने क्या कहा?
राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भगवान राम का विरोध करने वाले लोग अब शिवजी की बरात की बात कर रहे हैं। विपक्ष के प्रस्तावित मार्च पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह शिवजी की बरात नहीं, बल्कि सड़कों पर उतरी अराजक लोगों की भीड़ है।
शिवराज ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस वामपंथियों, जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों और गैर सरकारी संगठनों का सहारा ले रही है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।
कांग्रेस की चुनावी हार के लिए शिवराज ने किसे ठहराया जिम्मेदार?
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के पीछे चुनाव आयोग नहीं, बल्कि पार्टी का दिशाहीन नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का नेतृत्व देश और यहां की जनता को समझने में नाकाम रहा है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने का उल्लेख किया। शिवराज के मुताबिक, कांग्रेस कई राज्यों में आंतरिक विवादों से घिरी हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी कमियों को दूर करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रही है।
किन राज्यों में कांग्रेस के सत्ता से बाहर रहने का किया जिक्र?
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के लंबे समय से कई राज्यों में सत्ता से बाहर रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में कांग्रेस करीब 59 साल, पश्चिम बंगाल में 49 साल, सिक्किम में 42 साल, उत्तर प्रदेश में 37 साल और बिहार में 36 साल से सत्ता से बाहर है।
शिवराज ने कहा कि तीन-चार राज्यों को छोड़कर कांग्रेस अन्य जगहों पर सहयोगी दलों के सहारे राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में पार्टी द्रमुक, बिहार में राजद और उत्तर प्रदेश में सपा या बसपा पर निर्भर रही है।
संवैधानिक संस्थाओं पर कांग्रेस को लेकर क्या बोले शिवराज?
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने और झूठ फैलाकर सड़कों पर अराजकता पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में वापसी के लिए पार्टी गलत तरीके अपना रही है।
उनके मुताबिक, अदालत का फैसला पक्ष में नहीं आने पर कांग्रेस न्यायपालिका पर सवाल उठाती है, जबकि चुनाव में हार मिलने पर चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है। शिवराज ने यह भी आरोप लगाया कि आतंकवादियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस सुरक्षा बलों पर सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक पर भी साधा निशाना
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को तोड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों के साथ हाथ मिला रही है। उन्होंने इंडिया ब्लॉक को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपना रही है।
शिवराज के मुताबिक, कांग्रेस को चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय अपने नेतृत्व और संगठन की स्थिति में सुधार करने पर ध्यान देना चाहिए।
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