एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलेंगे विपक्षी सांसद, रात 8 बजे का समय तय

HIGHLIGHTS
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी सांसदों को शुक्रवार रात 8 बजे मुलाकात का समय दिया।
- विपक्ष ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए पहली बार 2 अक्टूबर को अनुरोध भेजा था।
- कांग्रेस ने 15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था।
विपक्षी दलों के सांसद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर शुक्रवार रात आठ बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई सांसद इस मुलाकात के लिए संसद के सेंट्रल हॉल पहुंचे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के सांसदों को शुक्रवार रात आठ बजे मिलने का समय दिया है। विपक्षी नेता एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी चिंताएं राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। विपक्ष पिछले कई दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठा रहा है।
क्या जारी रहेगा विपक्ष का आंदोलन?
विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार को दिल्ली में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाए जाने का आरोप लगाया। संसद पहुंचे कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।
वेणुगोपाल ने कहा, "हम जो भी कदम उठाने का फैसला करेंगे, उसके बारे में आपको बताएंगे। जैसा कि हमने कल कहा था, हम आंदोलन जारी रखेंगे। परसों तक हम अपने फैसले पर कायम रहेंगे।"
राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन और लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "दिल्ली में अघोषित आपातकाल लागू है। सभी ट्रेनें और मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। सरकार पूरी तरह डरी हुई है।"
ममता बनर्जी भी पहुंचीं संसद
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विपक्षी नेताओं के साथ चर्चा के लिए संसद पहुंचीं। उन्होंने कहा कि सभी नेता आपस में बातचीत करने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।
ममता बनर्जी ने कहा, "हम सभी एक साथ बैठेंगे और फिर आपको आगे की रणनीति के बारे में बताएंगे।"
कोलकाता से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के रद्द होने पर उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। ममता बनर्जी ने कहा, "ट्रेनों को रद्द किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कोलकाता से भी राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। छात्र और युवा वास्तव में संकट का सामना कर रहे हैं।"
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए क्यों मांगा गया था समय?
विपक्षी दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहला अनुरोध दो अक्टूबर को भेजा गया था। विपक्ष ने 15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति से मिलने के लिए 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को समय दिए जाने की बात सामने आई है।
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी दलों का विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर है। विपक्ष ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
इंडिया ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसद पिछले कई दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं।
तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसद
इंडिया ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन छह अक्टूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश के साथ तेज हुआ था। इस दौरान पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया था।
इसके अगले दिन भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन जारी रखा और जंतर-मंतर की ओर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद आठ अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर धरना दिया।
अब विपक्षी सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
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