शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, ‘बीरभूम पुलिस ने साबित किया, कार्रवाई के लिए ED-CBI की जरूरत नहीं’

HIGHLIGHTS
- पुलिस की कार्रवाई में 220 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त होने का दावा।
- कार्रवाई के दौरान 252 वाहन जब्त किए जाने की जानकारी दी।
- बीरभूम में तीन महीने में 255 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का दावा।
कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बीरभूम जिला प्रशासन के साथ प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य या जिला पुलिस चाहे तो सब कुछ कर सकती है। इसके लिए ईडी, सीबीआई, अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) या विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की जरूरत नहीं है। बीरभूम जिला पुलिस ने इसे साबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने जिले के कथित पत्थर माफिया टुलू मंडल और उसके करीबियों के ठिकानों पर हुई हालिया कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने एक व्यक्ति की 220 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा 252 वाहन भी जब्त किए गए हैं।
अवैध खनन को लेकर भी बोले सीएम
सीएम शुभेंदु ने कहा कि पहले बीरभूम जिले में पत्थर और रेत के अवैध खनन से होने वाली हजारों करोड़ रुपये की रकम दूसरे मद में चली जाती थी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पूरे साल में जिले से केवल 82 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ था, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पिछले तीन महीनों में ही 255 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया गया है।
मुख्यमंत्री ने जिले के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र तारापीठ में होटलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने तारापीठ के एक होटल में हाल में हुए भीषण अग्निकांड का जिक्र करते हुए कहा कि यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि कुछ होटलों में सुबह श्रद्धालुओं को बाहर निकलने से रोकने के लिए बाहर से ताला लगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति बेहद खतरनाक है और इस खराब परंपरा को तुरंत बदलना होगा।
तारापीठ के लिए पांच करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री ने आगामी कौशिकी अमावस्या को देखते हुए तारापीठ को और आकर्षक बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उत्सव के दौरान हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा भी की जाएगी।
सरकारी पर्यटक आवास बनाने की योजना
प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल तारापीठ में मध्यमवर्ग और निम्न-मध्यमवर्ग के श्रद्धालुओं को कम खर्च में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को बड़े आकार का सरकारी पर्यटक आवास बनाने की योजना तैयार करने और जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।
10 अक्टूबर तक सड़कों की मरम्मत पूरी करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों के निष्क्रिय रहने के कारण प्रखंड विकास अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने 10 अक्टूबर तक बीरभूम की सभी पंचायतों, नगरपालिकाओं और लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत पूरी करने की समयसीमा तय की।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर पांच किलोमीटर पर सहायता शिविर बनाए जाएंगे। इन शिविरों में पुलिस बूथ, अस्थायी स्वास्थ्य सेवा, ओआरएस पानी और बाउल गीतों के आयोजन की व्यवस्था होगी। इसके अलावा सिउड़ी मेडिकल कॉलेज, देउचा-पचामी, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे की विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर भी योजनाएं तैयार की गई हैं।
सितंबर के अंत तक रोडमैप जारी करने का भरोसा
बीरभूम में देउचा-पचामी परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने सितंबर के अंतिम सप्ताह तक ठोस रोडमैप जारी करने का भरोसा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीन नियमों का उल्लंघन कर बर्द्धमान के तृणमूल नेताओं के नाम पट्टे पर दी गई थी और इन्हीं पट्टों के आधार पर नौकरियां भी हासिल की गईं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे सभी अवैध पट्टे और नौकरियां रद्द की जा चुकी हैं।
उन्होंने तारापीठ विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार की जांच जारी रहने की भी बात कही। वरिष्ठ तृणमूल नेता और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बंद्योपाध्याय की हाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को दुखद बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगी।
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