दिल्ली प्रदर्शन पर सियासत तेज, फडणवीस बोले- हिंसा पर होगी कार्रवाई, राउत ने उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि हिंसा या बिना अनुमति प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है।
- मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को सरकार को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए इसे नाटक करार दिया।
- शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्ण विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना, बिना अनुमति के प्रदर्शन करना और हिंसा का सहारा लेना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फडणवीस ने कहा कि बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन या हिंसक गतिविधियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फडणवीस ने क्या कहा?
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को विरोध करने का अधिकार है। हालांकि विरोध करते समय संविधान से मिले अधिकारों के साथ तय जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उचित अनुमति लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करता है, तो उसे अनुमति दी जाएगी और हर किसी को इस तरह विरोध करने का अधिकार है।
उन्होंने आगे कहा कि जानबूझकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना, बिना अनुमति प्रदर्शन करना या हिंसा का रास्ता अपनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
फडणवीस ने कहा कि जब कोई आंदोलन चेहराविहीन या नेतृत्वविहीन हो जाता है, तो कुछ तत्व उसमें शामिल होकर अपने हितों को पूरा करने के लिए उस मंच का इस्तेमाल करने लगते हैं।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करना चाहती, लेकिन सोमवार की स्थिति में पुलिस के हस्तक्षेप की जरूरत पड़ गई थी।
महाराष्ट्र मंत्री बावनकुले ने प्रदर्शन को बताया नाटक
महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को सरकार को बदनाम करने की कोशिश बताया।
उन्होंने प्रदर्शन को नाटक करार देते हुए दावा किया कि युवाओं में दिखाई दे रहा गुस्सा "बनाया-बनाया" यानी मनगढ़ंत है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता बावनकुले ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव किया। साथ ही उन्होंने संसद तक सीजेपी के मार्च के दौरान हुई कथित पत्थरबाजी की घटनाओं की गहन जांच की मांग की।
संजय राउत ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोमवार को दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।
उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया और मांग की कि 20 जुलाई को हर साल "कायरों का दिन" के रूप में मनाया जाए।
राउत ने लगाए ये आरोप
संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश के युवाओं ने जिस तरह अपना गुस्सा और आक्रोश व्यक्त किया, वह लोकतंत्र की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया।
राउत ने कहा, "कल देश की युवा शक्ति ने अपने गुस्से और आक्रोश को उस तरह से व्यक्त किया जिसे हम लोकतंत्र मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सरकार और उनकी पुलिस ने उन युवा लड़कों और लड़कियों पर जिस तरह के अमानवीय लाठीचार्ज, आंसू गैस, घसीटना, टांगें तोड़ना और सिर फोड़ना जैसे कृत्य किए।"




























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