मंजीत सिंह बेदी को अदालत से झटका, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

HIGHLIGHTS
- पुलिस ने कुछ दिन पहले की थी गिरफ्तारी
- मंगलवार को अदालत में हुई पेशी
- पुलिस ने दो दिन के रिमांड की मांग की
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की वांटेड सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को पुलिस ने कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। बेदी पर अमेरिका की सप्लीमेंटल न्यूट्रीशन असिस्टेंट प्रोग्राम (एसएनएपी) योजना में करीब 6 लाख डॉलर की कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है। मंगलवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया और दो दिन का पुलिस रिमांड मांगा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय अदालत ने मंजीत सिंह बेदी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस कस्टडी के दौरान बेदी खुद को निर्दोष बताता रहा। मीडिया के सामने भी उसने कहा कि वह जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले से जुड़े खुलासे करेगा।
अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि पुलिस ने दो दिन के रिमांड की मांग की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान बेदी के खिलाफ कोई ठोस सबूत अदालत के सामने पेश नहीं कर सकी। वकील के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में यह उल्लेख नहीं किया था कि मंजीत सिंह बेदी ने उससे कोई रकम ली थी। बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पहले तीन दिन का रिमांड हासिल किया था, लेकिन उस अवधि के दौरान भी बेदी से कोई महत्वपूर्ण बरामदगी नहीं हो सकी।
बचाव पक्ष के मुताबिक, अदालत में भी मंजीत सिंह बेदी के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। वकील ने बताया कि पुलिस के अनुसार रजनी नामक महिला ने ट्रैवल एजेंट नीलम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और पैसे नीलम को ही दिए थे। वकील का दावा है कि नीलम के बयानों में भी मंजीत सिंह बेदी का कोई उल्लेख नहीं मिला।
बचाव पक्ष के वकील के अनुसार, मंजीत सिंह बेदी इलाज करवाने के लिए भारत आया था और उसने अपने रिश्तेदारों को बताया था कि वह करीब दो महीने बाद वापस लौट जाएगा। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि पुलिस अदालत में एफबीआई की ओर से जारी आदेश या उससे जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।
कनाडा के रास्ते भारत आने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, अमेरिका में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहा मंजीत सिंह बेदी कथित तौर पर कनाडा के रास्ते भारत आया था। अब पुलिस उसकी गतिविधियों, संपर्कों और कथित नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। आगे की जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अमेरिका में दर्ज कथित धोखाधड़ी के मामले में बेदी की वास्तविक भूमिका क्या थी और भारत आने के बाद उसका किन लोगों से संपर्क रहा।
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