राष्ट्रपति मुर्मू से मिलेंगे राघव चड्ढा, पंजाब में सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप

दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, वह पंजाब में सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति भवन की ओर से उन्हें 5 मई सुबह 10:40 बजे मिलने का समय दिया गया है। इस मुलाकात में उनके साथ तीन अन्य सांसद भी शामिल रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, राघव चड्ढा का आरोप है कि पंजाब के सरकारी तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से किया जा रहा है। उनका कहना है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए नेताओं और सांसदों को निशाना बनाया जा रहा है।
राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में गिने जाते हैं और लंबे समय तक अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी माने जाते रहे हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी आप से शुरू की थी। वर्ष 2015 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया था।
इसके बाद उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव दक्षिण दिल्ली सीट से लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। वर्ष 2020 में उन्होंने दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने। बाद में उन्हें पंजाब में पार्टी का प्रभारी भी बनाया गया।
मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा। वह पंजाब से राज्यसभा पहुंचने वाले सबसे युवा सांसदों में शामिल हैं। इससे पहले वह दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी की चर्चाएं तेज थीं। यह चर्चा उस समय और बढ़ी जब अरविंद केजरीवाल जेल में थे और उसी दौरान राघव चड्ढा अपनी पत्नी अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के साथ विदेश यात्रा पर नजर आए थे।
लोकसभा चुनाव के दौरान भी राघव चड्ढा को पंजाब की सक्रिय राजनीति से कुछ दूरी पर देखा गया। हालांकि वह औपचारिक रूप से श्री आनंदपुर साहिब सीट पर प्रचार करते नजर आए थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के महीनों में वह पार्टी के कई अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत रहे हैं।
विपक्षी दल जहां इसे आम आदमी पार्टी के भीतर मतभेद का संकेत बता रहे हैं, वहीं पार्टी नेतृत्व ने इन अटकलों को खारिज किया है। वरिष्ठ नेता संजय सिंह और उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी देने के उद्देश्य से बदलाव किए जा रहे हैं।
राघव चड्ढा ने इस पूरे घटनाक्रम पर सीधे प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर संकेतों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।
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