राहुल गांधी ने लॉन्च किया ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म, देशभर के आंदोलनों को एक मंच पर लाने की पहल

HIGHLIGHTS
- वेबसाइट को देशभर के विरोध प्रदर्शनों और संघर्षों से जोड़ने की पहल बताया गया है।
- राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार का जिक्र किया।
- उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार, 3 सितंबर को नई वेबसाइट ‘सत्याग्रह’ लॉन्च की। इस पहल के जरिए देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों और संघर्षों की जानकारी को एक मंच पर लाने का उद्देश्य बताया गया है।
राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अगले दिन इस वेबसाइट को लॉन्च किया। वेबसाइट लॉन्च करते हुए उन्होंने लिखा, ‘बापू ने हमें सिखाया था, सत्य ही सबसे बड़ा हथियार है। लेकिन उससे भी बड़ा हथियार है सत्य के साथ एकजुट होकर खड़ा होना।’
राहुल गांधी ने लोगों से अपनी कहानी साझा करने को कहा
राहुल गांधी ने शनिवार सुबह वेबसाइट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि देशभर में लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई बार उन्हें अकेले ही लड़ना पड़ता है।
उन्होंने लिखा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। Gen Z, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित और महिलाएं अपने-अपने संघर्ष की कहानी रख रहे हैं। उनके मुताबिक, अकेले उठने वाली आवाज को अक्सर दबा दिया जाता है।
कांग्रेस सांसद ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार का जिक्र करते हुए कहा कि ‘सत्याग्रह’ इन आवाजों को एक मैप पर एक साथ लाने की पहल है। उन्होंने लिखा कि बापू ने सिखाया था कि सत्य सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन सत्य के साथ एकजुट होकर खड़ा होना उससे भी बड़ा हथियार है।
राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि अगर वे भी किसी अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं तो अपनी कहानी वेबसाइट पर साझा करें। उन्होंने कहा कि इसे साझा करने में सिर्फ दो मिनट लगेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि लोगों की कहानी मैप पर दिखाई देगी और वे यह भी देख सकेंगे कि उनकी तरह और कौन संघर्ष कर रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि संसद में, सड़कों पर, चिट्ठियां लिखकर या जहां भी जरूरत होगी, वह उनके साथ खड़े होने के लिए जो कुछ कर सकते हैं, करेंगे। उन्होंने इसे विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी बताया और लोगों से अपनी सत्याग्रह की कहानी साझा करने को कहा।






















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