किसानों के लिए बजट में कुछ खास नहीं: राकेश टिकैत

मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट को लेकर निराशा जताई है। टिकैत ने कहा कि इस बार किसानों से जुड़ी उम्मीदें बहुत बड़ी थीं, लेकिन बजट में उनके लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए। विशेषकर पहाड़ी राज्यों में उगाई जाने वाली अखरोट और चंदन जैसी फसलों के संदर्भ में टिकैत ने सवाल उठाया कि इन फसलों के किसानों को वास्तविक लाभ कितना मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
एमएसपी गारंटी और किसान सम्मान निधि पर उठी चिंता
राकेश टिकैत ने बजट में किसानों की लंबे समय से मांग की जा रही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून को शामिल न किए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने यह भी कहा कि किसान सम्मान निधि को 12,000 रुपये तक बढ़ाने की उम्मीद थी, जो इस बजट में नहीं दिखी। उनका कहना था कि यह राशि किसानों के लिए वित्तीय सहारा होने के साथ उनकी आजीविका को सुरक्षित रखने में मदद करती।
कागज और जमीनी हकीकत में अंतर
भाकियू नेता ने यह भी कहा कि बजट में किए गए घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना असर होगा, यह समय ही बताएगा। उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके वास्तविक लाभों पर संदेह जताया।
शिक्षा नीति पर भी उठाया सवाल
टिकैत ने निजी स्कूलों को बढ़ावा देने के बजट प्रावधान पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के बंद होने का खतरा बढ़ सकता है और इससे ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
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