गोंडा के बर्तन व्यापारी की लखनऊ में मौत, मंत्री संजय निषाद KGMU में धरने पर बैठे

HIGHLIGHTS
- पुलिस ने मामले में तीन नामजद और 5 से 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
- आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की हैं और लगातार दबिश दी जा रही है।
- लखनऊ में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जुटे निषाद समाज के लोगों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली। गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी पर हुए जानलेवा हमले के बाद गुरुवार को लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। व्यापारी की मौत की जानकारी मिलते ही योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद लखनऊ के KGMU पहुंचे और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ VIP पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी और सपा MLC राजपाल कश्यप भी धरने में शामिल हुए।
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’, ‘हत्यारों को फांसी दो’ और ‘हत्यारों के घर बुलडोजर चलाओ’ जैसे नारे लगाए गए।
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे व्यापारी
मृतक की पहचान 45 वर्षीय विनोद कुमार साहनी के तौर पर हुई है। वह गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव के निवासी थे और बर्तन की दुकान चलाते थे। पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर की रात करीब 8 बजे विनोद दुकान बंद करने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे।
इसी दौरान लल्लन यादव की दुकान के पास कई बाइकों से पहुंचे करीब 8 से 10 लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने विनोद पर धारदार हथियारों से हमला किया।
गंभीर हालत में लखनऊ किया गया रेफर
हमले के दौरान विनोद ने कुछ आरोपियों को पहचान लिया था। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह के नाम बताए गए हैं। इसके अलावा 5 से 7 अज्ञात लोगों के भी हमले में शामिल होने की बात कही गई है।
हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां से भी उनकी स्थिति को देखते हुए लखनऊ के KGMU भेजा गया।
KGMU में विनोद का इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे उनकी मौत हो गई।
संजय निषाद ने पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की
विनोद की मौत की सूचना मिलने के बाद मंत्री संजय निषाद KGMU के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।
संजय निषाद ने घटना को गंभीर और निंदनीय बताते हुए परसपुर थाना प्रभारी, शाहपुर चौकी प्रभारी सहित संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 11 सितंबर को गोंडा में एसपी आवास और एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि व्यापारी पर हमले और उसकी मौत के मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
तीन नामजद समेत अज्ञात लोगों पर मुकदमा
परसपुर पुलिस ने विनोद की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह समेत 5 से 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मामले में BNS की धारा 191(2), 115(2) और 118(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। केस की विवेचना उपनिरीक्षक अंकित सिंह कर रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की हैं।
पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
मौत के बाद निषाद समाज में आक्रोश
विनोद की मौत के बाद निषाद समाज के लोगों में आक्रोश है। लखनऊ में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर निषाद पार्टी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस का ध्यान नामजद और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर है। वहीं, मंत्री संजय निषाद की ओर से पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग और 11 सितंबर को गोंडा में प्रदर्शन की चेतावनी के बाद मामला और गरमा गया है।
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