जम्मू-कश्मीर: राजौरी में आवारा कुत्तों का आतंक, सब-इंस्पेक्टर समेत 9 घायल

HIGHLIGHTS
- घायलों में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
- आठ पंचायतों के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं भेजने के निर्देश दिए गए।
- अभिभावकों से बच्चों को अकेले बाहर न जाने देने की अपील की गई।
जम्मू कश्मीर। राजोरी जिले के कोटरंका इलाके में आवारा और रेबीज संदिग्ध कुत्तों के बढ़ते हमलों से लोगों में डर का माहौल है। क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में कुत्तों के हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर सहित कम से कम नौ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं।
रविवार देर शाम क्षेत्र में आक्रामक कुत्तों ने कई लोगों पर हमला कर दिया। कुत्तों के काटने से घायल लोगों में बड्डाल निवासी 17 वर्षीय वकार अहमद पुत्र मंजूर हुसैन, कोटरंका निवासी 20 वर्षीय स्वर्ण सिंह पुत्र मनमेश सिंह, कोटरंका निवासी 60 वर्षीय जन मोहम्मद पुत्र हाजी गुलाम मोहम्मद, आरएस पुरा निवासी बलजीत सिंह पुत्र चरणजीत सिंह शामिल हैं। बलजीत सिंह जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं।
इसके अलावा कोटरंका निवासी 17 वर्षीय जफ्फर इकबाल पुत्र मोहम्मद जमील, सियारी निवासी 48 वर्षीय अमीन शाह पुत्र सत्तार शाह, तालिब हुसैन (30) पुत्र अब्दुल राशिद निवासी कोटरंका, फूलो (45) पुत्र शेर अली तथा गुरा सरकारी निवासी 30 वर्षीय मोहम्मद शफीक पुत्र मोहम्मद अमीन भी कुत्तों के हमले में घायल हुए हैं।
घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इनमें से कुछ बेहद आक्रामक हो गए हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे कुत्तों को नियंत्रित करने और रेबीज संदिग्ध कुत्तों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
आठ पंचायतों के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं भेजने के निर्देश
कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सोमवार, 10 अगस्त 2026 को कोटरंका क्षेत्र की आठ पंचायतों से जुड़े विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखने का एहतियाती फैसला लिया।
जोनल एजुकेशन प्लानिंग ऑफिसर कोटरंका की ओर से सोमवार तड़के जारी निर्देश में जगलानू, मोहड़ा-ए, मोहड़ा-बी, हुब्बी, लरकूती, कंडी अपर, कंडी लोअर और खड़यून पंचायतों से संबंधित विद्यार्थियों को सोमवार को स्कूल नहीं भेजने को कहा गया।
संबंधित क्षेत्रों के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और शिक्षकों को विद्यार्थियों के अभिभावकों और संरक्षकों को तत्काल इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए। विभाग ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
बच्चों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मामले को अति आवश्यक बताते हुए संबंधित अधिकारियों से निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें और इलाके में घूम रहे संदिग्ध या आक्रामक कुत्तों से दूर रखें। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा और रेबीज संदिग्ध कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की है, ताकि लोगों खासकर बच्चों को किसी बड़े खतरे से बचाया जा सके।
कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण के लिए पुलिस
कोटरंका तहसील मुख्यालय और आसपास के इलाकों में आवारा एवं रेबीज संदिग्ध कुत्तों के आतंक को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम/एडीसी) कोटरंका दिल मीर की ओर से सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कोटरंका मुख्यालय और आसपास एक-दो संदिग्ध रेबीज अथवा खूंखार आवारा कुत्ते घूम रहे हैं, जिन्होंने कई लोगों पर हमला किया है।
आदेश में कहा गया है कि ये कुत्ते अभी भी इलाके में खुले घूम रहे हैं और आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। खासतौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को इनसे खतरा है, जिसके चलते इलाके में भय और दहशत का माहौल है।
एहतियात के तौर पर स्कूल बंद
लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कोटरंका और आसपास की पंचायतों के स्कूलों को एहतियात के तौर पर बंद किया गया है। ये स्कूल मंगलवार को भी बंद रहेंगे। प्रशासन ने कहा कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि कुत्तों के हमलों की और घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस को कुत्तों को पकड़ने के निर्देश
जारी आदेश के तहत कंडी पुलिस थाना प्रभारी को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को सीआरपीएफ और संबंधित वीडीजी सदस्यों/स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर संदिग्ध रेबीज और खूंखार कुत्तों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से पकड़ने या काबू में करने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया है।
इस दौरान लागू नियमों और पशु कल्याण से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस उपलब्ध करवाएगी अतिरिक्त मैनपावर
कंडी पुलिस थाना प्रभारी को अभियान के दौरान वेटरनरी असिस्टेंट सर्जन को आवश्यक सहयोग देने और पर्याप्त पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसका उद्देश्य कुत्तों को पकड़ने के साथ उनकी जांच और टीकाकरण की प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करना है।
मौके पर मजिस्ट्रेट की तैनाती
आदेश में तहसीलदार कोटरंका को एक मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मजिस्ट्रेट अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहेंगे और वेटरनरी असिस्टेंट सर्जन तथा पुलिस टीम के बीच समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
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