प्रदर्शनकारियों पर सख्ती की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, CJI बोले- छात्रों के भविष्य का भी रखना होगा ध्यान

HIGHLIGHTS
- CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने युवा प्रदर्शनकारियों के भविष्य पर विचार करने की बात कही।
- अदालत ने कहा कि कानूनी कार्रवाई के कारण छात्रों को सुनवाई की प्रक्रिया में उलझना पड़ सकता है।
- CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मांग की गई थी कि प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी जाए। याचिका में कहा गया था कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए छूट मिलनी चाहिए। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मांग को मंजूरी नहीं दी और याचिका खारिज कर दी।
शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज करते हुए क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग युवा छात्र हैं। अदालत को उनके भविष्य के साथ-साथ उनके परिवारों के हितों पर भी ध्यान देना होगा। पीठ ने कहा कि किसी मामले पर फैसला लेते समय यह देखना जरूरी है कि कानूनी कार्रवाई का युवा प्रदर्शनकारियों के जीवन और भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
CJI सूर्यकांत ने छात्रों और उनके परिवारों के बारे में क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, 'ये युवा छात्र और प्रदर्शनकारी हैं, जो हमारे सामने हैं। हमें उनके माता-पिता और इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनका जीवन अभी लंबा है। उन्हें अदालतों की सुनवाई आदि में उलझना नहीं चाहिए।'
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आदतन अपराधी बताए जा रहे लोगों और गंभीर अपराधों के आरोपियों को अदालत के पहले के आदेशों के तहत मिली सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा।
क्या है पूरा मामला?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाली है। पार्टी की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में किया जा रहा है।
CJP और विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।
CJP को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की जानकारी देर से दी गई थी और इससे पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान भी नियमों का उल्लंघन किया गया था।
इस बीच, CJP ने आरोप लगाया है कि उसके कार्यकर्ताओं और प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। संगठन के नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया है और 10 अक्टूबर को प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
इस तरह मतदाता सूची में बदलाव का मुद्दा, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई इस पूरे विवाद के प्रमुख विषय बने हुए हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.