मुंबई में छात्रों के समर्थन में ठाकरे बंधुओं ने निकाला विजय मार्च, बोले- युवाओं ने सरकार को चुनौती दी

HIGHLIGHTS
- नीट विरोध प्रदर्शन के बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मुंबई में छात्रों के समर्थन में विजय मार्च निकाला।
- राज ठाकरे ने कहा कि छात्र आंदोलन की सफलता ने जेन-जी की ताकत और सरकार को चुनौती देने की क्षमता दिखाई है।
- ठाकरे बंधुओं ने नीट विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
मुंबई में नीट परीक्षा के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने विजय मार्च निकाला। रैली के दौरान राज ठाकरे ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ‘जेन-जी’ सरकार को चुनौती दे सकती है। इस रैली में उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे भी शामिल हुए। मुंबई में आयोजित इस मार्च में उन नीट परीक्षार्थियों को श्रद्धांजलि भी दी गई, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
'युवाओं ने तानाशाही को हिलाकर रख दिया'
रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, "युवाओं ने एक तानाशाह और तानाशाही को हिलाकर रख दिया है। यह युवाओं की ताकत है, यह नया भारत है।" उन्होंने कहा कि 'मंत्री प्रधान' से 'प्रधान मंत्री' बनने का सफर अब बहुत छोटा रह गया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि लोग नितिन गडकरी के इथेनॉल थोपने के तरीके और निर्मला सीतारमण के बयानों से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अब यह पीढ़ी सवाल पूछेगी।
ठाकरे बंधुओं ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि सरकार छात्रों के साथ बेरहमी से व्यवहार कर रही है, लेकिन अब छात्र किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठा रहे हैं।
वहीं, राज ठाकरे ने कहा था कि छात्रों का आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है, जिसके कारण सरकार बैकफुट पर आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
नीट पेपर लीक के बाद शुरू हुआ विवाद
बता दें कि 3 मई 2026 को नीट पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 20 जून से जंतर-मंतर पर सीजेपी का आंदोलन शुरू हुआ। वहीं, 28 जून से सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन से जुड़े।
सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद चलो मार्च का नेतृत्व किया था। इस दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। वहीं, गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाएगी और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
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