पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत, शुभेंदु अधिकारी ने परिवार से की मुलाकात

HIGHLIGHTS
- मृतक की पत्नी ने पुलिस लॉक-अप में पिटाई का आरोप लगाया।
- हालीशहर थाने के प्रभारी निरीक्षक को जिम्मेदारी से हटाया गया।
- ममता बनर्जी के काफिले के विरोध पर भाजपा की भूमिका से इनकार किया गया।
पश्चिम बंगाल। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले में कथित तौर पर पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। इस दौरान उनके साथ भाजपा विधायक अर्जुन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्थानीय नेता मौजूद रहे।
ममता बनर्जी को क्यों करना पड़ा विरोध का सामना?
इससे एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मृतक टीएमसी कार्यकर्ता के हालीशहर स्थित घर पहुंची थीं। वहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और उनके खिलाफ 'चोर' के नारे लगाए। उनके काफिले पर कीचड़ और चप्पलें फेंके जाने की बात भी सामने आई थी।
मृतक की पत्नी ने लगाए क्या आरोप?
कांचरापाड़ा नगरपालिका की पूर्व पार्षद जेनी शर्मा केओट के पति बिरजू केओट को जबरन वसूली और अन्य आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया था, जहां से पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। शनिवार को उनकी मौत की खबर सामने आई।
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस लॉक-अप के भीतर केओट की पिटाई की गई थी और इसी दौरान उनकी मौत हुई। इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
मुख्यमंत्री ने पुलिस पर क्या कार्रवाई की?
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हालीशहर थाने के प्रभारी निरीक्षक को क्लोज कर दिया गया है। इसके अलावा मामले की जांच कर रहे अधिकारी को भी केओट की मौत के मामले में निलंबित किया गया है।
किसी पुलिस अधिकारी को 'क्लोज' किए जाने का मतलब है कि उसे थाने की जिम्मेदारी से हटा दिया जाता है और नई जिम्मेदारी मिलने तक प्रतीक्षा में रखा जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
ममता के आरोप पर शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने अपने काफिले पर कथित हमले के पीछे भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का आरोप लगाया था। वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना में भाजपा की किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह विरोध ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों के गहरे आक्रोश को दर्शाता है।
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