'यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए', जेलेंस्की पर भड़के ट्रंप

HIGHLIGHTS
- जापोरिज्जिया में रूसी हमले में 20 लोगों की मौत।
- मृतकों में तीन बच्चे शामिल।
- जेलेंस्की ने रूस के डीजल समझौते पर जताई चिंता।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की आलोचना करते हुए कहा है कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए। ट्रंप का आरोप है कि जेलेंस्की रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, सऊदी अरब पर हालिया हमलों के बाद उन्होंने हूती लड़ाकों के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका के शामिल होने की संभावना भी जताई है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
ट्रंप के ये बयान ऐसे समय आए हैं, जब यूक्रेन में रूस के हमले जारी हैं और पश्चिम एशिया में भी सुरक्षा तनाव बना हुआ है।
व्हाइट हाउस में शनिवार को बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को ऐसा नया नेता चुनना चाहिए, जो रूस के साथ समझौता कर सके। उनके मुताबिक, जेलेंस्की किसी कारण से ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू ही नहीं होता। उन्होंने युद्ध शुरू होने के लिए अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन अपने 30 प्रतिशत क्षेत्र को खो चुका है और युद्ध में दोनों पक्षों के लाखों लोग मारे गए या प्रभावित हुए हैं। ये आंकड़े ट्रंप के बयान का हिस्सा हैं।
सऊदी अरब पर हमलों के बाद हूतियों के खिलाफ कार्रवाई पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब पर हालिया हमलों के बाद अमेरिका, हूती लड़ाकों के खिलाफ सऊदी की कार्रवाई में शामिल हो सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहा है, लेकिन उसकी भागीदारी फिलहाल तय नहीं है।
दिए गए विवरण में सऊदी अरब पर हुए हालिया हमलों की जगह, नुकसान या हूती लड़ाकों की ओर से हमले की जिम्मेदारी को लेकर अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
जापोरिज्जिया में रूसी हमले में 20 लोगों की मौत
यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी हवाई बमों ने रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य घायल हुए। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं।
इसके अलावा, रूस ने दिन में यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइल हमला किया। कीव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि इस हमले में चार लोग घायल हुए। जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन में पिछले चार दिनों के दौरान रूसी बमबारी में 60 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
रूस से डीजल खरीदने के समझौते पर जेलेंस्की ने जताई नाराजगी
ट्रंप ने शुक्रवार को रूस से डीजल खरीदने के लिए एक समझौते की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों से निपटने में मदद हासिल करना बताया गया। इस कदम को रूस के खिलाफ अमेरिका के वर्षों पुराने दबाव में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने डीजल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील के बदले जापोरिज्जिया की रिहायशी इमारतों पर पांच ग्लाइड बम गिराए। उन्होंने कहा कि रूस किसी भी तरह की नरमी को हमले जारी रखने की अनुमति के तौर पर देखता है।
जेलेंस्की के मुताबिक, रूस को निर्यात से होने वाली अतिरिक्त कमाई का इस्तेमाल हथियारों के पुर्जे खरीदने, ड्रोन को बेहतर बनाने, मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने और लड़ाकों की भर्ती के लिए किया जा सकता है। उन्होंने अमेरिका, यूरोप और अन्य सहयोगी देशों से रूस की युद्ध लड़ने की क्षमता सीमित करने की अपील की।
ट्रंप के बयानों और दोनों मोर्चों पर तनाव की प्रमुख बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति पर निशाना: ट्रंप ने जेलेंस्की की जगह नया राष्ट्रपति चुनने की बात कही और उन पर रूस के साथ समझौता नहीं कर पाने का आरोप लगाया।
युद्ध को लेकर दावा: ट्रंप ने कहा कि अगर वह 2022 में अमेरिकी राष्ट्रपति होते, तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू नहीं होता।
जापोरिज्जिया पर हमला: यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी बमबारी में 20 लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं।
डीजल समझौते पर आपत्ति: जेलेंस्की ने आशंका जताई कि रूस को होने वाली अतिरिक्त कमाई युद्ध जारी रखने में मदद कर सकती है।
सऊदी और हूती लड़ाके: ट्रंप ने हूतियों के खिलाफ सऊदी की कार्रवाई में अमेरिका के शामिल होने की संभावना जताई, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के दौरान जमीनी मोर्चे पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध बना हुआ है, जबकि लंबी दूरी के हवाई हमले जारी हैं। ट्रंप ने जेलेंस्की पर युद्ध समाप्त करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। वहीं, जेलेंस्की का कहना है कि रूस पर आर्थिक दबाव कम होने से हमले और बढ़ सकते हैं।
इस बीच, सऊदी अरब और हूती लड़ाकों से जुड़े मामले में अमेरिका की संभावित भूमिका पर भी नजर रहेगी। फिलहाल, रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए किसी नए समझौते की जानकारी नहीं दी गई है और न ही हूतियों के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिकी भागीदारी पर कोई अंतिम फैसला हुआ है।
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