मरीन ड्राइव पर प्लेकार्ड के साथ पहुंचे अभिजीत दीपके, पुलिस ने हिरासत में लेकर कुछ देर बाद छोड़ा

HIGHLIGHTS
- अभिजीत दीपके गुरुवार देर रात कुछ समर्थकों के साथ मरीन ड्राइव पहुंचे थे।
- उनके साथ मौजूद समर्थकों के हाथों में प्लेकार्ड थे।
- पुलिस की टीम दीपके के पास पहुंची और उन्हें वैन में बैठाया।
मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दीपके को गुरुवार देर रात मुंबई पुलिस ने कुछ देर के लिए हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, दीपके को मरीन ड्राइव पर प्लेकार्ड के साथ देखे जाने के बाद उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दीपके कुछ समर्थकों के साथ मरीन ड्राइव पहुंचे थे। उनके समर्थकों के हाथों में प्लेकार्ड थे। इसी दौरान एक महिला निरीक्षक समेत पुलिस टीम दीपके के पास पहुंची और उन्हें वैन में बैठाकर मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ले गई।
कुछ देर बाद पुलिस स्टेशन से छोड़ा
अधिकारी के अनुसार, दीपके को पुलिस स्टेशन ले जाते समय महिला अधिकारी ने उनसे उनकी पहचान और गृह नगर के बारे में जानकारी ली। थाने पहुंचने के बाद दीपके और उनके समर्थकों को प्रतीक्षा क्षेत्र में बैठाया गया।
इसके बाद दीपके को वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए कहा गया। हालांकि, कुछ ही मिनट बाद वह पुलिस स्टेशन से बाहर निकल आए। बाहर आते समय वह मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। दीपके को थोड़ी देर हिरासत में रखे जाने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की नहीं मिली अनुमति
यह कार्रवाई सीजेपी की ओर से 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन से एक दिन पहले हुई। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।
सीजेपी ने पहले 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस ने इसके पीछे मैदान में पहले से लागू सभा संबंधी प्रतिबंध, जरूरी नागरिक अनुमति नहीं होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका का हवाला दिया।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद अभिजीत दीपके ने प्रस्तावित प्रदर्शन की जगह ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया था। इसके तहत बड़ी संख्या में लोगों के स्वेच्छा से गिरफ्तारी देने की योजना बताई गई थी।
मुंबई प्रेस क्लब में दीपके ने क्या कहा?
दीपके ने गुरुवार को मुंबई प्रेस क्लब में कहा था कि सीजेपी का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन करने की योजना की जानकारी दी थी। इनमें गोवा, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
चुनाव आयोग को लेकर विवाद के बाद शुरू हुआ अभियान
सीजेपी का यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की खबरों के बाद शुरू हुआ था।
निर्वाचन आयोग ने कहा था कि संस्थागत विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा था कि उसके आदेशों को कानूनी आधार और वैधानिक प्रक्रिया का समर्थन प्राप्त है।
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