छत्तीसगढ़ में मां-बेटे की हत्या, हाईवे किनारे मिला 12वीं के छात्र का शव

HIGHLIGHTS
- हाईवे किनारे मिले किशोर के शव की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई।
- सुजल की मां और शिक्षिका रजनी बरेठ का शव किराए के मकान में मिला।
- परिजनों ने दोनों शवों की पहचान की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर और सरगुजा जिले की सीमा पर महावीरपुर के पास शनिवार को हाईवे किनारे गड्ढे में मिले किशोर के शव की पहचान हो गई है। मृतक बिश्रामपुर के कार्मेल कान्वेंट स्कूल में 12वीं का छात्र सुजल बरेठ उर्फ पिंकू था।
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब छात्र की मां और शिक्षिका रजनी बरेठ (40) का शव भी केशव नगर स्थित ममता कॉलोनी के किराए के मकान में मिला। मां-बेटे की हत्या की घटना सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
शनिवार को महावीरपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे गड्ढे में किशोर का शव मिलने पर पुलिस ने शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई थी। दूसरी ओर, शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल के मोबाइल फोन बंद होने से परिजन और परिचित परेशान थे। स्कूल में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद शिक्षिका के बारे में जानकारी नहीं मिल पाने पर उनकी सहकर्मी भी पता लगाने की कोशिश कर रही थीं।
रजनी बरेठ के मायके बाराद्वार, जिला सक्ती में रहने वाले परिजन भी मां-बेटे से संपर्क नहीं होने के कारण चिंतित थे। शनिवार देर शाम शिक्षिका के भाई और मां बिश्रामपुर पहुंचे। दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वे जयनगर थाने गए। इसी दौरान पुलिस ने सड़क किनारे मिले किशोर के शव की तस्वीर दिखाई, जिसे परिजनों ने सुजल बरेठ के रूप में पहचान लिया।
मकान का ताला तोड़ने पर मिला शिक्षिका का शव
सुजल की पहचान होने के बाद पुलिस शनिवार रात परिजनों को लेकर केशव नगर की ममता कॉलोनी स्थित शिक्षिका के किराए के मकान पहुंची। वहां मकान पर ताला लगा हुआ था। ताला तोड़कर अंदर जाने पर कमरे में एक महिला का शव औंधे मुंह पड़ा मिला।
महिला के शव पर चोट के निशान भी थे। परिजनों ने शव की पहचान रजनी बरेठ के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने मकान को सील कर दिया। रविवार सुबह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मौजूदगी में कमरे को दोबारा खोला गया। इसके बाद महिला की पहचान शिक्षिका रजनी बरेठ के रूप में स्पष्ट हुई।
पति से 2020 में हो चुका था तलाक
जानकारी के मुताबिक, रजनी बरेठ की शादी वर्ष 2006 में रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के बोयरदादर स्थित विनोबा नगर निवासी सत्य बरेठ से हुई थी। वर्ष 2020 में दोनों का तलाक हो गया था। इसके बाद रजनी अपने बेटे सुजल के साथ रहने लगी थीं।
नौकरी के सिलसिले में रजनी सूरजपुर जिले में रह रही थीं। हाल ही में पदोन्नति के बाद उनकी नियुक्ति माध्यमिक शाला बेलटिकरी में हुई थी। वहीं, उनका बेटा सुजल बिश्रामपुर के कार्मेल कान्वेंट स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ता था।
मां-बेटे की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंध है, इसकी जांच की जा रही है। महिला के निजी संबंधों को लेकर भी कुछ चर्चाएं सामने आई हैं, हालांकि उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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