भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होगा अली, हाईकोर्ट की अनुमति के बाद प्रयागराज रवाना

HIGHLIGHTS
- हाईकोर्ट की अनुमति के बाद अली को प्रयागराज ले जाया गया।
- झांसी जेल से निकलते समय अली की सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
- उमर और अली को भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल की मंजूरी मिली।
झांसी में हुए सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई। अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए झांसी जेल में बंद अली अहमद को शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज के लिए रवाना किया गया।
अली को कई पुलिस वाहनों के साथ झांसी जेल से बाहर निकाला गया। उसकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार देर रात जेल प्रशासन को आदेश प्राप्त हुआ था।
इसके बाद शनिवार सुबह अली को प्रयागराज ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। वरिष्ठ जिला जेल अधीक्षक विनोद कुमार के अनुसार, कोर्ट के आदेश के आधार पर अली को प्रयागराज ले जाया जा रहा है।
अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद अली को अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे उसे सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज रवाना किया गया।
अतीक के दोनों बेटों को कस्टडी पैरोल की अनुमति
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को उनके भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल पर ले जाने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने सगे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा कि नागरिकों की स्वतंत्रता और मानवीय अधिकारों की रक्षा से ही राष्ट्र की बुनियाद मजबूत होती है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की खंडपीठ ने अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से दाखिल याचिका पर दिया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सफदर अली काजमी ने अदालत को बताया कि 6 अगस्त को सड़क दुर्घटना में अबान अहमद की मौत हुई थी। अंतिम संस्कार 8 अगस्त की रात करीब आठ बजे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाना है।
अबान के भाई उमर लखनऊ जिला जेल और अली झांसी जिला जेल में अलग-अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों को भाई के जनाजे और धार्मिक रस्मों में शामिल होने के लिए अस्थायी कस्टडी पैरोल देने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उमर और अली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश कराया। दोनों ने अदालत से कहा कि वे अपने भाई के जनाजे में शामिल होना चाहते हैं। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें अनुमति दे दी।
अदालत ने डीजीपी को सुरक्षा के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। साथ ही दोनों भाइयों को पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार स्थल तक लाने के निर्देश दिए गए।
मीडिया से बातचीत पर रोक
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि उमर और अली किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं करेंगे। इसके अलावा वे मीडिया, सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बातचीत भी नहीं करेंगे।
छोटे भाई की मौत से सदमे में अली
सड़क हादसे में अबान अहमद की मौत की जानकारी मिलने के बाद झांसी जेल में बंद अली अहमद गहरे सदमे में है। जेल सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात से ही वह गुमसुम था। शुक्रवार को भी वह अपनी बैरक से बाहर नहीं निकला।
सामान्य दिनों में अली कुछ समय टहलने और व्यायाम करने के लिए बाहर आता था, लेकिन इस बार वह पूरे दिन अपनी कोठरी में रहा। सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात वह सो नहीं सका और सुरक्षा जांच के लिए आने वाले जेल अधिकारियों से बार-बार हादसे की जानकारी लेता रहा।
बताया गया कि उसने खाना भी नहीं खाया। शुक्रवार सुबह उसने केवल हल्का नाश्ता किया और इसके बाद भोजन के लिए भी बाहर नहीं निकला।
गाय से टकराने के बाद बच गया था अतीक
अबान की मौत उसकी कार के हाईवे पर अचानक बछड़े से टकराने के कारण हुई। हादसे में अबान की मौके पर ही मौत हो गई।
इससे पहले अतीक अहमद के साथ भी गुजरात से प्रयागराज जाते समय 27 मार्च 2023 को ऐसी घटना हुई थी। झांसी पहुंचने से पहले शिवपुरी जिले में खराई चेकपोस्ट के पास अचानक एक गाय वैन के सामने आ गई थी। वैन गाय से टकरा गई थी। हादसे में गाय की मौके पर मौत हो गई थी, हालांकि वैन पलटने से बच गई थी।
यह था सड़क हादसा
झांसी से करीब 70 किलोमीटर पहले झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास अचानक सड़क पर बछड़ा आ गया था। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।
हादसे में अबान और सोनू उर्फ शाकिर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए थे।
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