JPNIC विवाद पर CM योगी का वार, ‘जनता के पैसे की लूट का जवाब दे सपा’

HIGHLIGHTS
- देवरिया में 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
- सीएम योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
- JPNIC की शुरुआती लागत और खर्च का किया जिक्र
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जहां सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं, वहीं प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लखनऊ की चर्चित इमारत जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को निजी हाथों में सौंपे जाने के मुद्दे को लेकर सपा पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा ने अपनी विचारधारा के मुखिया को भी नहीं छोड़ा।
शनिवार को देवरिया में सीएम योगी ने 305 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि सपा का मतलब लूट-खसोट और डकैतों का गिरोह है। उन्होंने कहा, ‘2017 से पहले कहावत थी देख सपाई, बिटिया घबराई’।
योगी ने SP पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
सीएम योगी ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी अय्याशी के लिए सपा मुखिया ने प्रदेश के खजाने में जो डकैती डाली, उसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा ने अपनी विचारधारा के मुखिया को भी नहीं छोड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि JPNIC की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार ने इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च कर दिए और इसके बावजूद यह अधूरा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इसकी साजिश क्या थी? उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये सैफई सिंडिकेट का पैसा नहीं, बल्कि जनता का पैसा है।
‘JPNIC को प्राइवेट कंपनी के जरिए चलाने की साजिश थी’
सीएम योगी ने कहा कि JPNIC को पूरा करने में अब 150 से 200 करोड़ रुपये और खर्च होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खजाने से 900 से 1000 करोड़ रुपये खर्च करके सपा जैसी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाने की साजिश थी, जिसमें एक ही परिवार के लोग शामिल होते।
उन्होंने कहा कि JPNIC को प्राइवेट कंपनी के माध्यम से संचालित करने की योजना थी। इस प्राइवेट कंपनी में डिंपल यादव, अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि JPNIC से होने वाली कमाई परिवार तक पहुंचाने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि इसमें होटल, जिम और क्लब जैसी सुविधाएं होंगी और इससे होने वाली कमाई इनके घर तक जाएगी। इसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और उनके शागिर्द शामिल हैं।
‘अखिलेश को माफी मांगनी चाहिए’
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय कब्रिस्तान की बाउंड्री के नाम पर पैसा खर्च किया जाता था। उन्होंने कहा कि सपा का मतलब लूट-खसोट और डकैतों का गिरोह है। मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मांग की कि उन्हें अपने कुशासन और इस बड़े भ्रष्टाचार के लिए जनता के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
‘बबुआ 12 बजे सोकर उठेंगे तो दिमाग कहां काम करेगा’
सीएम योगी ने कहा कि जब सरकार मुफ्त बस यात्रा की शुरुआत कर रही थी, तब समाजवादी पार्टी के बबुआ की नींद टूटी और उन्होंने जल्दबाजी में प्रेस वार्ता बुलाई। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भूल गए कि क्या बोलना है और कहने लगे कि 4 लाख लेंगे, 40 हजार लेंगे इन लोगों से। हमने कहा कि लेना नहीं, इन्हें देना है।
योगी ने कहा कि ये बबुआ 12 बजे सोकर उठेंगे तो उनका दिमाग कहां काम करेगा, केवल झुंझलाहट ही बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक बार उन्होंने सुना था कि एक पत्रकार के गले पर तलवार रख दी गई थी।
‘सपा सरकार में स्कूल जर्जर स्थिति में थे’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में रोजगार, गरीबों के आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में स्कूलों की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी और बेसिक शिक्षा परिषद के कई स्कूल जर्जर हालत में थे। उन्होंने पूर्वांचल में जुलाई से नवंबर के बीच रहने वाले कथित भय और दहशत के माहौल का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले प्रदेश में माफियाओं की समानांतर सत्ता चलती थी, लेकिन आज उत्तर प्रदेश अपने नाम के अनुरूप बन चुका है। उन्होंने कहा कि अब कोई प्रदेश को बीमारू राज्य या प्रश्न प्रदेश नहीं कहता। उन्होंने कहा कि अब यूपी में एक जिला-एक माफिया नहीं, बल्कि एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज है। उन्होंने कहा कि हमने माफिया को मिट्टी में मिलाया है तो इंसेफेलाइटिस को समाप्त कर दिया है।
’40 साल में 50 हजार मासूमों की मौत हो गई’
सीएम ने दावा किया कि ‘यूपी में 2017 से पहले न विकास था, न सुरक्षा थी, न सम्मान था, न रोजगार था, न गरीब के लिए आवास, शौचालय, रसोई गैस कनेक्शन, बिजली और सड़क थी। स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे।’
उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर तक इंसेफेलाइटिस का दौर देवरिया, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, संतकबीरनगर और बस्ती में भय लेकर आता था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीमारी नहीं, बल्कि सपा-कांग्रेस सरकारों की बीमार मानसिकता थी। उन्होंने कहा कि 40 साल में 50 हजार मासूमों की मौत हो गई, लेकिन सपा या कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री हाल लेने नहीं आया।
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