अभिषेक बनर्जी पर हमला: ममता बोलीं- शासक बने हत्यारे; पूरे विपक्ष ने शुभेंदु सरकार को घेरा

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप को लेकर गरमा गई है। दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, इसी दौरान भीड़ की ओर से उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके जाने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में भारी हलचल मच गई और टीएमसी नेतृत्व ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताया।
ममता बनर्जी अस्पताल पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अपने आवास से सीधे अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने अभिषेक बनर्जी का हाल जाना और डॉक्टरों से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उनकी मां लता बनर्जी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी अस्पताल में मौजूद रहे।
टीएमसी नेताओं ने इस घटना को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताते हुए भाजपा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं और इसे लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया। टीएमसी ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
टीएमसी का साजिश का आरोप
टीएमसी नेता सुष्मिता देव ने इस हमले को पूर्व नियोजित साजिश करार दिया। वहीं सागरिका घोष ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौके पर पर्याप्त सुरक्षा मौजूद नहीं थी। पार्टी का कहना है कि यह घटना राजनीतिक दबाव बनाने और विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद किसी भी स्थिति में हिंसा का कारण नहीं बन सकते। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से सभी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इसे गंभीर हमला बताते हुए कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
भाजपा का पक्ष
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पार्टी पर लगे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस घटना में शामिल नहीं है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि अतीत में भाजपा कार्यकर्ताओं को भी राजनीतिक हिंसा का सामना करना पड़ा है।
अभिषेक बनर्जी का बयान
अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को जानलेवा प्रयास बताते हुए कहा कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक सांसद सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा।
घटना के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बंगाल की राजनीति में हिंसा का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।
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