यूपी में बीएडधारी अब प्राइमरी टीचर बन सकेंगे, सरकार ने ब्रिज कोर्स PDPET को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश के बीएड डिग्रीधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों को प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने का मार्ग खोल दिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने Professional Development Programme for Elementary Teachers (PDPET) कोर्स को मंजूरी दी है। इस 6 महीने के ब्रिज कोर्स को पूरा करने के बाद बीएड डिग्रीधारक बीटीसी के बराबर मान्यता प्राप्त करेंगे और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को पढ़ाने के योग्य बनेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर:
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल एक अहम आदेश में कहा था कि बीएड डिग्रीधारी प्राइमरी कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) के लिए योग्य नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने के लिए केवल बीटीसी/डीएलएड धारी शिक्षक ही मान्य हैं। इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थी प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने के लिए अपात्र हो गए थे।
PDPET कोर्स और संचालन:
PDPET एक 6 महीने का ब्रिज कोर्स है, जिसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (NIOS) संचालित करेगा। इस कोर्स का उद्देश्य बीएड डिग्रीधारकों को प्राइमरी कक्षाओं के शिक्षण तरीकों और मैथर्डोलॉजी के बारे में प्रशिक्षण देना है। यूपी सरकार ने इस कोर्स को मंजूरी देते हुए बीएड डिग्रीधारकों के लिए प्राइमरी टीचिंग की योग्यता सुनिश्चित की है।
आवेदन प्रक्रिया और समय:
इस कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी NIOS की आधिकारिक वेबसाइट dledbr.nios.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है और प्रशिक्षण सत्र दिसंबर 2025 से मई 2026 तक चलेगा।
इस निर्णय से प्रदेश में बीएड डिग्रीधारकों को प्राइमरी शिक्षा में रोजगार के अवसर मिलेंगे और शिक्षा विभाग की प्राथमिकता के तहत गुणवत्ता शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
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