बदायूं डबल मर्डर: 'कातिल' की 6 दुकानों पर चलेगा बुलडोजर

बदायूं। एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार शाम मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना पर दुख जताया और कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। देर रात क्षेत्राधिकारी (सीओ) डॉ. देवेंद्र कुमार को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह राहुल पांडेय को नया सीओ नियुक्त किया गया है। इससे पहले शुक्रवार को जिले के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को भी हटा दिया गया था।
एसआईटी करेगी जांच
मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए बरेली मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम पूरे प्रकरण की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन जांच में अगर किसी बड़े षड्यंत्र या अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी की संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी
सैजनी गांव स्थित बायोगैस प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। उसकी मां के नाम से चल रही राशन की दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा गांव के बाहर स्थित उसकी छह दुकानों और मकान पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है। संभावना है कि रविवार या सोमवार को यह कार्रवाई की जा सकती है।
शनिवार को दातागंज एसडीएम की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों की नापजोख की। तहसील प्रशासन के अनुसार बक्सेना मार्ग पर बनी ये दुकानें सड़क की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई हैं और सड़क चौड़ीकरण के चलते इन्हें हटाया जाएगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया
जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि आरोपी के परिवार के नाम पर तीन से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं, जिन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी सतीश मिश्रा ने जानकारी दी कि आरोपी की मां किरन देवी के नाम से संचालित राशन दुकान का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।
सीबीआई जांच की उठी मांग
इस घटना को गंभीर बताते हुए आंवला से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि घटना से जुड़े कुछ पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
प्लांट की सुरक्षा बढ़ाई गई
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीबीजी प्लांट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वहां पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई है, जिससे निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने इस घटना में मारे गए दोनों अधिकारियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
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