बागपत: पुलिस मुठभेड़ में सुशील मूंछ गिरोह का 50 हजार का इनामी विपुल उर्फ खूनी ढेर

HIGHLIGHTS
- बागपत में मेरठ एसटीएफ और सिंघावली अहीर पुलिस की मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी विपुल उर्फ खूनी ढेर।
- विपुल कुख्यात सुनील मूंछ गिरोह का शार्प शूटर था, उसके खिलाफ 38 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
- पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, कारतूस के खोखे और अपाचे बाइक बरामद की।
बागपत। मेरठ एसटीएफ और सिंघावली अहीर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सैड़भर गांव के खेतों में कुख्यात सुशील मूंछ गिरोह के शार्प शूटर और 50 हजार रुपये के इनामी विपुल उर्फ खूनी की मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्टल, कई कारतूसों के खोखे और एक अपाचे बाइक बरामद की है। विपुल के खिलाफ गंभीर धाराओं में 38 मुकदमे दर्ज थे।
एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, शामली के कांधला क्षेत्र के भभीसा गांव निवासी विपुल उर्फ खूनी पुत्र नेत्रपाल सिंह की शनिवार शाम करीब पांच बजे ग्राम सैड़भर के खेतों में सिंचाई विभाग की कोठी के पास मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर मेरठ एसटीएफ और सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी की।
पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी गोली लगने से बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विपुल को गोली लग गई और वह जमीन पर गिर गया। उसे इलाज के लिए पिलाना सीएचसी ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि विपुल के पास से .32 बोर की दो पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूसों के खोखे और अपाचे बाइक बरामद हुई है।
कौन था विपुल उर्फ खूनी
पुलिस के अनुसार, विपुल उर्फ खूनी कुख्यात सुशील मूंछ गिरोह का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं के 38 मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के मुताबिक, विपुल ने अपने साथियों के साथ मिलकर 14 जुलाई 2014 को भभीसा गांव निवासी अशोक के भाई पवन की हत्या की थी। इस मामले में कांधला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और मामला अदालत में विचाराधीन था।
इस केस में विपुल जमानत पर जेल से बाहर आया था, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। आरोप है कि विपुल ने कुछ दिन पहले अशोक से मुकदमे में खर्च हुए रुपये मांगे थे और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद अशोक ने कांधला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में वांछित होने के बाद विपुल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले वर्ष 2014 में विपुल ने शामली के एलम में चर्चित अपराधी भीम निवासी भभीसा को उसकी परिचित महिला के घर बुलाकर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी थी। इस घटना में उसके फुफेरे भाई सुमित और अमित भी शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2017 में विपुल ने अपनी बहन की ससुराल ग्राम मानपुर (सहारनपुर) में एक वाहन लूटा था। इसके बाद उसी गांव की तत्कालीन ग्राम प्रधान की मुखबिरी के शक में अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा बागपत में भी उसने हत्या और लूट समेत कई वारदातों को अंजाम दिया था।
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