बिजनौर: 5 दिन से मंदिर में परिक्रमा करता रहा कुत्ता, हालत नाजुक, डॉक्टरों ने शुरू की ‘फ्रूट थेरेपी’

बिजनौर। नंदपुर गांव के एक प्राचीन मंदिर में इन दिनों एक अनोखी घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है। मंदिर परिसर में एक कुत्ता लगातार पांच दिनों तक भूखा-प्यासा रहकर हनुमान जी और मां दुर्गा की मूर्तियों के चारों ओर परिक्रमा करता रहा। अब इस कुत्ते को लोग ‘चमत्कारी’ मानकर दूर-दूर से दर्शन और पूजा करने आ रहे हैं।
लगातार पांच दिन की परिक्रमा
ग्रामीणों का कहना है कि यह कुत्ता बिना कुछ खाए-पिए लगातार मंदिर में घूमता रहा। थकावट और कमजोरी के चलते जब वह गिर गया, तो मंदिर कमेटी ने उसे सम्मानपूर्वक गद्दे पर लिटा कर रजाई ओढ़ा दी। इसकी खबर फैलते ही आसपास के इलाके में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और मंदिर परिसर में मेला जैसा माहौल बन गया।
श्रद्धालु कर रहे पूजा और चढ़ावा
अब मंदिर में लोग न केवल भगवान के सामने बल्कि कुत्ते के सामने भी मत्था टेक रहे हैं। श्रद्धालु इसे चमत्कार मानते हुए रुपये और प्रसाद चढ़ा रहे हैं। मंदिर के बाहर खिलौने और प्रसाद की दुकानें भी लग गई हैं। लोगों का मानना है कि कुत्ते पर कोई दैवीय कृपा है, इसलिए वे उससे मन्नतें मांग रहे हैं।

डॉक्टर्स कर रहे देखभाल
कई दिनों से कुछ न खाने और पीने के कारण कुत्ते की सेहत नाजुक हो गई है। उसने दूध और रोटी भी नहीं खाई। पशु चिकित्सकों ने इसे बचाने के लिए ग्लूकोज, मल्टी-विटामिन और फल-थैरेपी शुरू की है। डॉ. अश्वनी चित्रांश ने बताया कि कुत्ते के शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो गई थी, जिसे पोषण और दवाओं के जरिए संतुलित किया जा रहा है।
श्रद्धा बनाम विज्ञान
मंदिर में आस्था और विज्ञान के बीच की सीमा धुंधली दिखाई दे रही है। जहां वैज्ञानिक इसे कुत्ते की शारीरिक कमजोरी और बीमारियों से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं भक्त इसे साक्षात चमत्कार मानकर पूजा में जुटे हैं।
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