उज्जैन में सिंहस्थ की जमीन पर चला बुलडोजर, जूना अखाड़े के हरियाणा सेवा आश्रम का भवन ध्वस्त

HIGHLIGHTS
- नगर निगम की टीम ने शुक्रवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच कार्रवाई की।
- भवन को ध्वस्त करने के लिए चार पोकलेन मशीनों और एक जेसीबी का इस्तेमाल किया गया।
- कार्रवाई कर्कराज पार्किंग और नृसिंहघाट क्षेत्र के पास की गई।
उज्जैन: धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ के लिए आरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई की है। शुक्रवार तड़के नगर निगम की टीम ने कर्कराज पार्किंग और नृसिंहघाट क्षेत्र के पास स्थित जूना अखाड़े के हरियाणा सेवा आश्रम पर बुलडोजर चला दिया। महामंडलेश्वर ज्योतिगिरिजी महाराज द्वारा सिंहस्थ के लिए सुरक्षित जमीन पर बनाए गए होटलनुमा अवैध जी+3 यानी चार मंजिला भवन को प्रशासन ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
पोकलेन और जेसीबी की मदद से सुबह-सुबह कार्रवाई
नगर निगम के भवन अधिकारियों के अनुसार, टीम ने योजना के तहत सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। भवन को गिराने के लिए चार पोकलेन मशीनों और एक जेसीबी का इस्तेमाल किया गया। सुबह-सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई से आसपास के इलाके में हलचल मच गई।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और नगर निगम का अमला तैनात रहा।
पहले जारी किए गए थे दो नोटिस
अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने के लिए महामंडलेश्वर को पहले ही दो बार आधिकारिक नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी अतिक्रमण स्वेच्छा से नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।
सिंहस्थ की आरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ मेले और आयोजनों के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध कब्जे या निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए इससे पहले भी कई अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में भी आरक्षित भूमि पर किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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