छत्तीसगढ़: पुलिस हिरासत में श्रवण सूर्यवंशी की मौत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI को सौंपी जांच

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने श्रवण सूर्यवंशी की हिरासत में मौत के मामले की जांच CBI को सौंपी
- CBI को नियमित आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच तेज करने का निर्देश दिया गया
- मृतक की पत्नी और दो नाबालिग बेटियों को 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा मिलेगा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस हिरासत में श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सर्वन तामरे की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। साथ ही राज्य सरकार को मृतक की पत्नी और उसकी दो नाबालिग बेटियों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को मामले में नियमित आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच तेजी से पूरी करने को कहा है। जांच की प्रगति रिपोर्ट 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत के सामने पेश करनी होगी।
जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान CBI को श्रवण की हिरासत में हुई मौत के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि जांच की जिम्मेदारी किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में हिरासत के दौरान हिंसा के लिए कोई अधिकारी जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने उन छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं, जिन पर न्यायिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बावजूद जरूरी कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। अदालत ने कहा कि पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मृतक के परिवार को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम मुआवजा नहीं है। आगे की कार्रवाई और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अंतिम मुआवजे की राशि तय की जा सकती है।
यह मामला मृतक की पत्नी लहरा बाई तामरे और उनकी बेटियों संध्या तथा साक्षी की याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 3 अक्टूबर 2024 के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले में परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। हालांकि, FIR दर्ज करने और मौत के कारणों की विस्तृत जांच को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया गया था।
रिकॉर्ड के अनुसार, श्रवण सूर्यवंशी को 18 जनवरी 2024 को बिलासपुर जिले की सीपत थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत गिरफ्तार किया था। उस पर छह लीटर कच्ची शराब रखने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद श्रवण को केंद्रीय जेल बिलासपुर भेज दिया गया था।
21 जनवरी को तबीयत बिगड़ने के बाद श्रवण को बिलासपुर स्थित CIMS अस्पताल ले जाया गया, जहां 22 जनवरी 2024 को उसकी मौत हो गई। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच CBI करेगी और अगली सुनवाई में जांच की प्रगति अदालत के समक्ष पेश की जाएगी।
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