छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले, युवाओं के लिए ₹500 करोड़ का स्टार्टअप मिशन; कर्मचारियों को भी बड़ी राहत

HIGHLIGHTS
- कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये के मिशन को मंजूरी दी है।
- प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र बनाए जाएंगे।
- 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं और कारोबारियों के लिए दो अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में अगले पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये के ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ और ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1. मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना भी मिशन का लक्ष्य है।
2. छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के जरिए प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि करना तथा प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।
3. नवा रायपुर में NSTI की स्थापना के लिए भूमि आवंटन
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं तैयार की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में हर साल 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को उद्योगों की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही नवा रायपुर को देश में कौशल और तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
4. सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष
मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी और अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस निर्णय के बाद शासकीय और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर मिलेंगे। इस संबंध में राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
5. दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए भूमि
मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज इस भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है।
इस फैसले से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित नए न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा। साथ ही न्यायिक अधोसंरचना को और मजबूत किया जा सकेगा।
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