मसूरी गोलीकांड के शहीदों को सीएम धामी ने किया नमन, कहा- बलिदान भुलाया नहीं जा सकता

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने छह शहीद आंदोलनकारियों और डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी को श्रद्धांजलि दी।
- उत्तराखंड राज्य लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद अस्तित्व में आया।
- राज्य निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड के शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मसूरी गोलीकांड में छह आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया था। मुख्यमंत्री ने शहीद आंदोलनकारियों के साथ डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद अस्तित्व में आया है। राज्य निर्माण के लिए शहीदों ने अपने भविष्य की चिंता किए बिना आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए अपना बलिदान दिया। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में मातृशक्ति का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप काम कर रही है। आंदोलनकारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की दिशा में सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने का काम भी किया है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से चली आ रही भू-कानून की मांग को सरकार ने लागू किया है। राज्य में सड़क और रेल कनेक्टिविटी के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का कोई भी युवा रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर न हो। इसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ राज्य के विकास पर भी लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ सरकार आगे बढ़ रही है।
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