एम्स किच्छा में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, भाई-बहन समेत पांच गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- नर्सिंग ऑफिसर और एमटीएस के फर्जी नियुक्तिपत्र मिले।
- आरोपियों के पास से दो लाख रुपये नकद बरामद।
- एम्स का आउटसोर्स कर्मचारी भी गिरफ्तार।
एम्स के किच्छा स्थित निर्माणाधीन सेटेलाइट सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में भाई-बहन और एम्स का एक आउटसोर्स कर्मचारी भी शामिल है।
एम्स के निर्माणाधीन सेटेलाइट सेंटर में आउटसोर्स कंपनी के जरिए नौकरी लगवाने के नाम पर फर्जीवाड़े के आरोप में पुलिस ने बीते बुधवार शाम पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। एम्स प्रशासन के अनुसार, आरोपी फर्जी नियुक्तिपत्रों के जरिए युवाओं से रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नर्सिंग ऑफिसर और एमटीएस पद के दो फर्जी नियुक्तिपत्र तथा दो लाख रुपये नकद बरामद किए जाने का दावा किया है।
पांच लोगों के खिलाफ शिकायत
इस मामले में एम्स के सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह ने सुब्रत बछाऊ (33) निवासी निर्मलनगर, थाना सितारगंज, ऊधमसिंह नगर, दीपना मंडल (22) निवासी शक्तिफार्म, थाना सितारगंज, ऊधमसिंह नगर, दीपांशु मंडल निवासी निर्मल नगर, सितारगंज, ऊधमसिंह नगर, गणेश (19) निवासी उल्धन बिसोटा, थाना नानकमत्ता, ऊधमसिंह नगर और एम्स में आउटसोर्स कर्मचारी दीपक गुसाईं (33) निवासी गली नंबर 03, मीरा नगर, ऋषिकेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि सभी आरोपी नियुक्ति के नाम पर लेनदेन कर रहे थे। दीपक के पास से दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए। शिकायत के मुताबिक, दीपक एम्स में आउटसोर्स के माध्यम से आयुष्मान योजना में कार्यरत है।
अन्य अभ्यर्थियों से रकम लेने की भी जांच
प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी आवश्यक पाए जाने पर बृहस्पतिवार अपराह्न 03:20 बजे पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की विवेचना में नौकरी के नाम पर अन्य अभ्यर्थियों से धनराशि लिए जाने, फर्जी नियुक्तिपत्र तैयार करने और उपलब्ध कराने, धनराशि के लेनदेन तथा मामले में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी गहनता से जांच की जा रही है।
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